खाद्य प्रसंस्करण उद्योग: 14 नए प्रॉजेक्ट्स को मिली मंज़ूरी

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के 14 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं में लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा। ये प्रोजेक्ट्स वाराणसी, मेरठ, कानपुर, लखनऊ सहित कई जिलों में लगेंगे। इनमें नमकीन, स्वीट्स, फ्रोजन फूड, मिल्क पाउडर, घी, पनीर, मसाला और रेडी-टू-कुक उत्पाद इकाइयां शामिल हैं। कच्चा माल स्थानीय किसानों से लिया जाएगा।

14 new food processing projects approved in uttar pradesh investment of 200 crores
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विकास को पंख लगने वाले हैं। गुरुवार को हुई एक अहम बैठक में 14 नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल गई है। इन प्रोजेक्ट्स में करीब 200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होगा। खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में अपर मुख्य सचिव बीएल मीना की अध्यक्षता में हुई अप्रैजल समिति की बैठक में 19 प्रोजेक्ट्स पेश किए गए थे, जिनमें से 14 को मंजूरी मिली।

ये नए प्रोजेक्ट्स प्रदेश के कई जिलों में लगेंगे। वाराणसी, मेरठ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बरेली, कौशाम्बी, अयोध्या और रामपुर जैसे जिलों में ये इकाइयां स्थापित होंगी। इन प्रोजेक्ट्स में तरह-तरह के उत्पाद बनाए जाएंगे। नमकीन और मिठाइयों के साथ-साथ फ्रोजन सब्जियां, जड़ी-बूटियां, सोलर पावर प्लांट, मिल्क पाउडर, शुद्ध देसी घी, पनीर, मसाले और रेडी-टू-कुक (तुरंत तैयार होने वाले) खाने के उत्पाद भी बनेंगे। इसके अलावा, पोल्ट्री फीड बनाने की इकाइयां भी लगेंगी।
इन नई इकाइयों के लिए कच्चा माल स्थानीय किसानों और पशुपालकों से खरीदा जाएगा। यह एक बड़ा कदम है जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। निवेशकों को यह साबित करना होगा कि वे स्थानीय लोगों से कच्चा माल खरीदेंगे। इसके लिए उन्हें 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर 100 किसानों या दुग्ध उत्पादकों की सूची जमा करनी होगी। साथ ही, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र भी निदेशालय को देना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि उत्पाद अच्छी गुणवत्ता के हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।