Assault On Waiters At Wedding Ceremony In Faridabad Accused Of Pressuring To Chant Religious Slogans
शादी-समारोह में वेटरों से मारपीट, धार्मिक नारा लगाने का दबाव बनाने का आरोप
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद में एक शादी समारोह में वेटरों के साथ मारपीट की घटना हुई है। कुछ युवकों ने पहले वेटर से नाम और धर्म पूछा। इसके बाद उन्हें टेंट के पीछे ले जाकर पीटा गया। दूसरे वेटर के साथ भी मारपीट हुई। पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद में एक शादी समारोह में वेटरों के साथ मारपीट और धार्मिक नारा लगाने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। डबुआ थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में कुछ युवकों ने पहले वेटर से उसका नाम और धर्म पूछा, फिर उसे पीट दिया। दूसरे वेटर के साथ भी मारपीट की गई और उससे भी धार्मिक नारा लगाने को कहा गया। पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना 12 मार्च को डबुआ क्षेत्र में राधे गुर्जर के घर हुई, जहाँ राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव लाडला निवासी जाहुल नाम का वेटर अपने ठेकेदार संदीप के साथ काम करने आया था। शिकायत के अनुसार, विदाई के समय जब सभी कर्मचारी मंडप में सामान समेट रहे थे, तभी एक युवक मेहमानों को पानी पिला रहा था। अचानक दो युवक वहां आए और उससे उसका नाम पूछा। जब उसने अपना धर्म बताया, तो कुछ देर बाद वे युवक अपने तीन-चार साथियों के साथ टेंट के पीछे पहुंचे और उसकी लात-घूंसों व थप्पड़ों से पिटाई कर दी।इसके बाद, दो अन्य युवक जाहुल को भी टेंट के पीछे ले गए। उन्होंने उससे उसका नाम पूछा और धार्मिक नारा लगाने के लिए कहा। जब जाहुल ने मना किया, तो 8 से 10 लोगों ने मिलकर उसे डंडों, लात-घूंसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा। आरोप है कि हमलावरों में से कुछ के पास डंडे भी थे। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने जाते समय उसका मोबाइल फोन और करीब 2100 रुपये भी छीन लिए और उसे जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद घायल जाहुल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटें पाई गईं। पुलिस ने जाहुल की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है और आरोपियों की पहचान करने के लिए सबूत जुटा रही है। यह घटना फरीदाबाद में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को बल देती है।