साइबर ठगों को बेचा था बैंक अकाउंट, गिरफ्तार

नवभारत टाइम्स

साइबर क्राइम थाना साउथ पुलिस ने एक और आरोपी गंगा राम को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी ठगों को किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इससे पहले दो आरोपियों प्रदीप और पवन को भी पकड़ा गया था। महिला की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। टेलीग्राम पर ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर ठगी की गई थी।

cybercriminals selling bank accounts arrested fraud by luring with online jobs
गुड़गांव में साइबर क्राइम थाना साउथ पुलिस ने टेलीग्राम पर ऑनलाइन जॉब और टास्क पूरा करने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य गंगाराम को गिरफ्तार किया है। गंगाराम ठगों को किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इस मामले में अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं। यह गिरोह लोगों को घर बैठे अच्छी कमाई का लालच देकर ठगी करता है।

यह पूरा मामला 31 दिसंबर 2025 को एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ। महिला ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर ऑनलाइन काम और टास्क पूरे करने का ऑफर मिला था। शुरुआत में उसे थोड़ा मुनाफा भी हुआ। इसके बाद, आरोपियों ने उसे बड़े मुनाफे का लालच देकर और ज्यादा पैसे जमा करवा लिए और फिर ठगी कर ली।
एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम ने 16 फरवरी को फतेहाबाद से दो आरोपियों प्रदीप और पवन को गिरफ्तार किया था। अब इसी मामले में गंगाराम को भी फतेहाबाद से पकड़ा गया है।

जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम में से 80 हजार रुपये प्रदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। प्रदीप ने यह खाता पवन को पांच हजार रुपये में बेचा था। पवन ने वही खाता छह हजार रुपये में गंगाराम को बेच दिया। इसके बाद गंगाराम ने यह खाता आठ हजार रुपये में किसी और को बेच दिया। इस तरह, ये लोग बैंक खातों को बेचकर ठगी के पैसों को इधर-उधर करते थे।

यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन काम का लालच देकर फंसाता है। वे पहले थोड़ा-बहुत मुनाफा दिखाते हैं ताकि लोगों का भरोसा जीत सकें। फिर, जब लोग ज्यादा पैसे लगाने लगते हैं, तो वे सारी रकम लेकर गायब हो जाते हैं। पुलिस ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और लोगों से भी अपील करती है कि वे ऐसे ऑनलाइन ऑफर्स से सावधान रहें।