Gas Agency Chaos Consumers Arrive With Empty Cylinders Due To No Booking Long Queues Form
गैस की बुकिंग नहीं हुई तो खाली सिलिंडर लेकर पहुंच गए एजेंसी
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद में गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलिंडरों के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग घंटों लाइन में लग रहे हैं और हंगामे की स्थिति बन रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है, जबकि गली-मोहल्लों में व्यावसायिक उपयोग के लिए घरेलू सिलिंडर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं।
फरीदाबाद में घरेलू सिलिंडरों के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं और इस दौरान आपस में झगड़े भी हो रहे हैं। कई लोग बिना खाना खाए सुबह से ही कतार में लगे हैं, तो किसी का सिलिंडर लाइन से थोड़ी देर हटने पर चोरी हो गया। यह स्थिति एनआईटी के एसी नगर स्थित एक गैस एजेंसी के बाहर देखने को मिली, जहां शुक्रवार को घरेलू सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग गई। घंटों इंतजार के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिला, जिससे नाराज होकर उन्होंने एजेंसी के बाहर हंगामा किया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है, जबकि शहर के गली-मोहल्लों में फूड स्टॉल और ठेलों पर धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों के मुताबिक, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए कमर्शल गैस सिलिंडर का उपयोग होना चाहिए। लेकिन, पैसे बचाने के चक्कर में कई स्ट्रीट फूड कारोबारी घरेलू सिलिंडरों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को गैस मिलने में परेशानी हो रही है, बल्कि यह सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने दो से तीन घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी वाले गैस की सप्लाई कम बताकर सीमित सिलिंडर ही दे रहे हैं। इस वजह से लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनके काम-धंधे पर भी असर पड़ रहा है।उपभोक्ताओं का कहना है कि "हमें समय पर गैस नहीं मिल रही है, जबकि शहर के गली-मोहल्लों में फूड स्टॉल और ठेलों पर घरेलू सिलिंडर धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।" यह स्थिति लोगों के लिए काफी परेशानी का सबब बन गई है। सुबह से लाइन में लगे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो ऐसा होता है कि थोड़ी देर के लिए लाइन से हटने पर उनका सिलिंडर ही चोरी हो जाता है।
इस मामले पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि शहर में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और इसकी पर्याप्त उपलब्धता है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं और इस दौरान झगड़े भी हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब लोग सुबह से बिना खाना खाए कतार में लगे हैं।
यह भी देखा जा रहा है कि कुछ लोग एक-एक सिलिंडर के लिए दो-दो और तीन-तीन घंटे तक इंतजार कर रहे हैं। लेकिन फिर भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि गैस की सप्लाई कम बताकर एजेंसी में सीमित सिलिंडर दिए जा रहे हैं। इससे लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उनके काम-धंधे पर भी असर पड़ रहा है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ स्ट्रीट फूड कारोबारी पैसे बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह न केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए समस्या खड़ी कर रहा है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।