जल जीवन मिशन-2.0 में बढ़ेगी ग्रामीण पंचायतों की भागीदारी

नवभारत टाइम्स

जल जीवन मिशन अब जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू होगा। इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है। इस योजना पर 8.69 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। ग्रामीण पंचायतों की भागीदारी इसमें बढ़ाई जाएगी। उत्तर प्रदेश ने नल से जल कनेक्शन देने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित करेगा।

jal jeevan mission 20 rural panchayats participation to increase budget of 869 lakh crore
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल जीवन मिशन-2.0 के क्रियान्वयन पर राज्यों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि उनका प्रदेश देश में सबसे ज्यादा नल से जल कनेक्शन देने वाला राज्य बन गया है, जहां 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से पानी मिल रहा है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाकर जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू करने की मंजूरी दी है, जिस पर 8.69 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।

शुक्रवार को हुई इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सभी राज्यों के मंत्रियों और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिवों के साथ मिलकर यह चर्चा की कि जल जीवन मिशन-2.0 को कैसे लागू किया जाएगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने इस दौरान सभी राज्यों के सामने इस नई योजना की पूरी रूपरेखा पेश की।
उत्तर प्रदेश की ओर से इस बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने भाग लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने एक बड़ी उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा नल से जल कनेक्शन देने वाला राज्य बन गया है। प्रदेश में 2.43 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। जिन गांवों में 100 प्रतिशत जलापूर्ति हो चुकी है, वहां पर 'जल अर्पण' नाम का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

यह ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इसे दिसंबर 2028 तक के लिए बढ़ा दिया गया है और अब इसे 'जल जीवन मिशन 2.0' के नाम से लागू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश के हर घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।