Noida Sanitation Workers Road Blockade 100 Sanitation Workers Fired In Protest Against Authority
प्राधिकरण के विरोध में उतरे सफाईकर्मियों ने लगाया जाम
नवभारत टाइम्स•
नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर चक्का जाम कर दिया। इस प्रदर्शन से यातायात बाधित हुआ। अथॉरिटी ने ठेकेदारों पर कार्रवाई की। ठेकेदारों ने 100 सफाईकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। सफाईकर्मी पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
नोएडा में सफाईकर्मियों के प्रदर्शन ने शुक्रवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर करीब 40 मिनट तक चक्का जाम कर दिया, जिससे पीक आवर में यात्रियों को भारी परेशानी हुई। नोएडा अथॉरिटी के सख्त रुख के बाद सफाई ठेकेदारों ने 100 सफाईकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया, जो पिछले कई दिनों से अथॉरिटी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। यह कार्रवाई अथॉरिटी द्वारा ठेकेदारों को टेंडर रद्द करने की चेतावनी देने के बाद हुई।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे, सैकड़ों सफाईकर्मी दलित प्रेरणा स्थल के पास इकट्ठा हुए और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को ब्लॉक कर दिया। इस अचानक चक्का जाम से दोनों तरफ लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। मौके पर पहुंची पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने सफाईकर्मियों से बातचीत कर किसी तरह ट्रैफिक को खुलवाया। इसके बाद, प्रदर्शनकारी सफाईकर्मियों ने दलित प्रेरणा स्थल के अंदर भी अपना गुस्सा जाहिर किया और पब्लिक हेल्थ विभाग को पुरानी व्यवस्था में बहाल करने की मांग की।नोएडा अथॉरिटी ने सफाई ठेकेदारों पर नकेल कस दी है। अथॉरिटी ने उन्हें टेंडर रद्द करने की धमकी दी है। इस चेतावनी के बाद, ठेकेदारों ने उन 100 सफाईकर्मियों को नौकरी से हटा दिया है जो प्रदर्शन में शामिल थे। अथॉरिटी के जीएम एसपी सिंह ने बताया कि ठेकेदारों के जरिए 100 सफाईकर्मियों को नौकरी से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी चाहते हैं कि उनके काम की निगरानी न हो और वे बस खानापूर्ति करते रहें, जो अब संभव नहीं है। इसी वजह से 100 लोगों को नौकरी से निकाला गया है।
यह मामला पिछले कई दिनों से चल रहा था। सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को उनका प्रदर्शन उग्र हो गया और उन्होंने एक्सप्रेसवे पर चक्का जाम कर दिया। इस जाम से यात्रियों को काफी परेशानी हुई, खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों को। अथॉरिटी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और ठेकेदारों पर कार्रवाई की। ठेकेदारों ने भी तुरंत 100 सफाईकर्मियों को हटाकर अथॉरिटी को जवाब दिया।
अथॉरिटी का कहना है कि वे काम में पारदर्शिता चाहते हैं और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। सफाईकर्मियों की मांग थी कि उनके काम की निगरानी न हो, लेकिन अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि यह संभव नहीं है। काम की सही मॉनिटरिंग के लिए ही ठेकेदारों को काम दिया गया है। इसलिए, जो लोग काम नहीं करना चाहते या निगरानी से बचना चाहते हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। यह स्थिति तब और बिगड़ गई जब ठेकेदारों ने अथॉरिटी के दबाव में आकर सफाईकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। अब देखना यह है कि इस मामले का आगे क्या होता है और सफाईकर्मियों की क्या मांगें मानी जाती हैं।