हड़ताल से शहर में कई जगह लगे कूड़े के अंबार

नवभारत टाइम्स

नोएडा में सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कई इलाकों में कूड़े के अंबार लग गए हैं। निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार की हड़तालों से समाधान के ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्वच्छता महाअभियान भी स्थगित करना पड़ा है। स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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नोएडा में सफाईकर्मियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे लोग परेशान हैं। निवासियों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण और ठेकेदार इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

सेक्टर-117 के श्री कृष्णा अपार्टमेंट ओनर असोसिएशन के सचिव संजीव कुमार पाल ने बताया कि उनके इलाके में सफाई का हाल बहुत बुरा है। उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन सफाईकर्मियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। पूरे सेक्टर और सोसायटी में कूड़ा जमा हो गया है। इससे गंदगी फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष योग्रेंद्र शर्मा ने कहा कि प्राधिकरण को सफाईकर्मियों की बार-बार होने वाली हड़तालों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 15 मार्च को होने वाला स्वच्छता महाअभियान भी इसी वजह से टालना पड़ा।

सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण नोएडा के कई सेक्टरों में सड़कों और गलियों में कूड़े का अंबार लग गया है। इससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। लोग इस बात से नाराज हैं कि सफाईकर्मी अक्सर हड़ताल पर चले जाते हैं और नोएडा प्राधिकरण व ठेकेदार इस समस्या के समाधान के लिए कोई खास कदम नहीं उठा रहे हैं।

संजीव कुमार पाल ने बताया कि उनके सेक्टर में सफाई व्यवस्था बहुत खराब है। शिकायत करने के बावजूद सफाईकर्मियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। पूरे सेक्टर और सोसायटी में कूड़ा जमा हो गया है, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

योग्रेंद्र शर्मा ने कहा कि प्राधिकरण को सफाईकर्मियों की हड़तालों पर गंभीरता से सोचना चाहिए। उन्होंने बताया कि 15 मार्च को होने वाला स्वच्छता महाअभियान भी इस कारण स्थगित करना पड़ा। यह स्थिति शहर की स्वच्छता के लिए चिंताजनक है।