एक युद्ध यह भी

नवभारत टाइम्स

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले जारी हैं। इन हमलों में सैकड़ों अफगानी मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। यह संघर्ष डूरंड रेखा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पाकिस्तान की यह कार्रवाई उसकी पुरानी नीति का हिस्सा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को लताड़ा है।

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अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया है, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और हजारों बेघर हो गए हैं। यह ताजा टकराव पिछले महीने 26 तारीख को शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ने एकतरफा 'खुले युद्ध' की घोषणा कर दी। काबुल-कंधार समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने एयरस्ट्राइक की है, जिसके जवाब में तालिबान भी जवाबी हमले कर रहा है, हालांकि उसकी सैन्य क्षमता पाकिस्तान के मुकाबले काफी कम है। इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम अफगानिस्तानी नागरिक चुका रहे हैं, जो पहले से ही आतंकवाद और गरीबी से जूझ रहे हैं। पाकिस्तान की यह कार्रवाई अपनी नाकामियों का ठीकरा पड़ोसियों पर फोड़ने की उसकी पुरानी नीति का हिस्सा है, जो उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। यह सब पिछले महीने 26 तारीख को शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुले युद्ध' का ऐलान कर दिया। काबुल और कंधार जैसे बड़े शहरों में भी पाकिस्तानी सेना ने बमबारी की है। तालिबान का कहना है कि गुरुवार रात को भी हमले हुए, जिसमें कई लोग मारे गए। तालिबान भी पलटवार कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान के पास हवाई ताकत बहुत ज्यादा है, इसलिए तालिबान के हमले उतने प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं।
इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों का हो रहा है। डूरंड रेखा के दोनों तरफ रहने वाले लोग पहले से ही आतंकवाद, गरीबी और दूसरी मुश्किलों से परेशान हैं। पाकिस्तान के हमलों में अब तक 150 से ज्यादा अफगानिस्तानी मारे जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुताबिक, करीब 1.15 लाख लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही खराब चल रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में भी दोनों देशों के बीच थोड़ी झड़प हुई थी, लेकिन अभी हालात बहुत ज्यादा गंभीर हैं। पाकिस्तान बार-बार अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। इसकी वजह से वहां एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है। पाकिस्तान की यह कार्रवाई दरअसल अपनी गलतियों को छिपाने और उनका दोष दूसरों पर डालने की उसकी पुरानी आदत का हिस्सा है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने पर कड़ी फटकार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के अन्य जिम्मेदार देशों को भी इस मामले में दखल देना चाहिए। अफगानिस्तान में भी मासूम लोगों की जान खतरे में है, ठीक वैसे ही जैसे दुनिया के दूसरे संघर्षों में होता है। उन्हें तालिबान शासन की वजह से अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। यह लड़ाई पाकिस्तान के दोहरे रवैये को साफ दिखाती है। जब उसे जरूरत होती है, तो वह इस्लामिक देशों के बीच एकता की बात करता है, लेकिन आज वही एक इस्लामिक देश पर हमला कर रहा है। यह दिखाता है कि पाकिस्तान की नीतियां सिर्फ अपने फायदे के लिए बदलती रहती हैं।