मोदी अब भारत के पीएम नहीं, अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं : राहुल गांधी

नवभारत टाइम्स

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने देश की संप्रभुता और ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है। मोदी के फैसलों से किसानों और छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा।

rahul gandhis sensational claim modi is no longer working for india but for america
लखनऊ में कांशीराम जयंती पर आयोजित 'सामाजिक परिवर्तन दिवस' कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की संप्रभुता , ऊर्जा सुरक्षा और गरीब-वंचित वर्गों के हितों से समझौता किया है। उनके अनुसार, हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों में भारत को कोई खास फायदा नहीं हुआ, जबकि अमेरिका को अधिक लाभ पहुंचाया गया। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि मोदी 'साइकोलॉजिकली हार चुके हैं' और पूरी तरह से सरेंडर कर चुके हैं।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई इस संगोष्ठी में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका को यह अधिकार दे दिया है कि भारत तेल कहां से खरीदेगा। यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी के इस फैसले से देश के किसानों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान होगा।
राहुल गांधी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने खुद घोषणा की है कि भारत अमेरिका से करीब 9 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि इस फैसले से देश के किसान, छोटे व्यापारी और उद्योग कैसे बचेंगे। उनके अनुसार, कपास, सोया, फल, बादाम और अखरोट जैसे उत्पाद अमेरिकी किसान भारत में बेचेंगे, जिससे भारतीय कृषि और व्यापार क्षेत्र को नुकसान पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी के 'सरेंडर' के पीछे दो मुख्य कारण हैं: एपस्टीन और अडानी। राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका में अडानी से जुड़े मामलों के कारण प्रधानमंत्री दबाव में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने संसद में इन मुद्दों को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया और प्रधानमंत्री सदन से बाहर चले गए।

राहुल गांधी ने संविधान के मुद्दे पर भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरा। उन्होंने कहा कि संविधान में दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के महापुरुषों की आवाज है, न कि सावरकर और गोडसे की। उनके मुताबिक, बीजेपी संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रही है।

कांशीराम के विचारों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हक मांगने से नहीं, बल्कि लड़ने से मिलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 85 प्रतिशत आबादी के शोषण के खिलाफ लड़ रही है। यह लड़ाई सिर्फ चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है।

राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी 'साइकोलॉजिकली हार चुके हैं' और पूरी तरह सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों में भारत को कोई ठोस लाभ नहीं मिला, जबकि अमेरिका को अधिक फायदा पहुंचाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह अधिकार भी अमेरिका को दे दिया है कि भारत तेल कहां से खरीदेगा, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी के 'सरेंडर' के पीछे दो कारण हैं, एपस्टीन और अडानी। राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका में अडानी से जुड़े मामलों के कारण प्रधानमंत्री दबाव में हैं।

राहुल ने यह भी कहा कि जब उन्होंने संसद में इन मुद्दों को उठाने की कोशिश की तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया और प्रधानमंत्री सदन से बाहर चले गए।

राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के महापुरुषों की आवाज है, सावरकर और गोडसे की नहीं। उनके मुताबिक बीजेपी संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रही है।

कांशीराम के विचारों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हक मांगने से नहीं, लड़ने से मिलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 85 प्रतिशत आबादी के शोषण के खिलाफ लड़ रही है और यह लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है।