Wave Of Change In Iran The Struggle From Mahsa Amini To Freedom
बदलाव के लिएमचल रहा ईरान
Contributed by: एलनाज नोरौजी|नवभारत टाइम्स•
ईरान में बदलाव की उम्मीद जगी है। लोग दमनकारी शासन से मुक्ति चाहते हैं। महसा अमीनी के विरोध प्रदर्शनों में भी लोग शामिल हुए थे। महिलाएं उपेक्षित हैं, लेकिन भारत में सुधार की गुंजाइश है। एक कलाकार ने ईरान की क्रांति पर गाना गाकर बदलाव की कोशिश की है। हर व्यक्ति को दुनिया के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए।
ईरान में सालों से दमन झेल रहे लोगों को अब आजादी की उम्मीद जगी है। एक ईरानी महिला ने बताया कि कैसे वहां के लोग उस सरकार को बदलना चाहते थे जो उनकी आवाज दबाती थी और उन्हें सताती थी। यह बदलाव की चाहत अब पूरी होने वाली है और उन्हें विश्वास है कि ईरानी जल्द ही आजादी का अनुभव करेंगे। जब भी ईरान में कोई घटना होती है, सरकार इंटरनेट बंद कर देती है, जैसा कि युद्ध के दौरान भी हुआ। सत्ता को इस बात की परवाह नहीं कि आम लोग कैसे जी रहे हैं। युद्ध के समय लोग अपने परिवार से भी बात नहीं कर पा रहे थे। इस महिला ने किसी तरह अपने घर वालों से बात की और उन्हें पता चला कि इस्राइल सटीक हमले कर रहा है। उनके परिवार वाले भी सत्ता परिवर्तन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ईरान के लोग बदलाव के लिए कई बार आवाज उठा चुके हैं। 2022 में महसा अमीनी के मामले में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में यह महिला भी शामिल हुई थी। उन्होंने विरोध का समर्थन इसलिए किया क्योंकि वे स्वार्थी नहीं हैं। वे कहती हैं, "मैं वैसी शख्स नहीं कि खुद सुरक्षित रहूंगी, तो दूसरों पर हो रहे जुल्म पर चुप्पी साध लूंगी। ऐसा कर मैं खुद की नजरों में गिर जाऊंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई सब देखकर भी चुप रहता है, सिर्फ इसलिए कि कहीं उसके साथ भी वैसा न हो जाए, तो यह बहुत घटिया आचरण है।ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में महिलाएं बहुत उपेक्षित हैं। वहां बराबरी की बात करना तो दूर की बात है। सच कहें तो दुनिया में कहीं भी महिलाओं को पूरी तरह बराबरी का दर्जा और हक नहीं मिल पाता। भारत में भी सुधार की गुंजाइश है। हालांकि यहां पुरुष महिलाओं से कम कमाते हैं, पर उन्हें अपनी मर्जी से काम करने की आजादी तो है। दुनिया के कई देशों में महिलाएं घर से बाहर निकलकर काम भी नहीं कर सकतीं।
यह महिला खुद को खुशनसीब मानती हैं कि वे अपने पैरों पर खड़ी हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में जमने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने हॉलीवुड, बॉलीवुड, पर्शियन, वेब सीरीज और म्यूजिक जैसी विभिन्न विधाओं में तालमेल बिठाने की कोशिश की है। मौका मिलने पर वे अलग-अलग भाषाओं और माध्यमों में भी काम करना चाहती हैं। हॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज में काम करते हुए उन्होंने ईरान की क्रांति पर एक गाना भी गाया है। आज जब वे घरों में उस गाने को सुनती हैं, तो उन्हें तसल्ली मिलती है कि उनके काम से थोड़ा बदलाव आ रहा है। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को सिर्फ खूबसूरत चेहरा बनने के बजाय इंसानियत और दुनिया के लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश करनी चाहिए।
ईरान में सत्ता परिवर्तन की उम्मीदें बढ़ रही हैं। वहां के लोग लंबे समय से दमनकारी शासन से मुक्ति चाहते थे। यह महिला बताती हैं कि कैसे सरकार लोगों की आवाज दबाती है और उन पर अत्याचार करती है। अब वे उस मुकाम पर पहुंच रहे हैं जहां वे हमेशा से पहुंचना चाहते थे। उन्हें पूरा भरोसा है कि ईरान के लोगों को जल्द ही आजादी मिलेगी।
ईरान में जब भी कोई बड़ी घटना होती है, तो सरकार इंटरनेट बंद कर देती है। यह हमेशा से होता आया है, यहां तक कि युद्ध के दौरान भी। सरकार को इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं कि आम लोग कैसे जी रहे हैं। युद्ध के समय लोग अपने प्रियजनों से भी बात नहीं कर पाते। इस महिला ने किसी तरह अपने घर वालों से संपर्क किया और उन्हें पता चला कि इस्राइल सटीक हमले कर रहा है। उनके परिवार वाले भी सत्ता परिवर्तन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ईरान के लोग बदलाव के लिए कई बार अपनी आवाज उठा चुके हैं। 2022 में महसा अमीनी के समर्थन में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में यह महिला भी शामिल हुई थी। उन्होंने विरोध का समर्थन इसलिए किया क्योंकि वे स्वार्थी नहीं हैं। वे कहती हैं, "मैं वैसी शख्स नहीं कि खुद सुरक्षित रहूंगी, तो दूसरों पर हो रहे जुल्म पर चुप्पी साध लूंगी। ऐसा कर मैं खुद की नजरों में गिर जाऊंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई सब कुछ देखकर भी चुप रहता है, सिर्फ इसलिए कि कहीं उसके साथ भी वैसा न हो जाए, तो यह बहुत घटिया आचरण है।
ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में महिलाओं की स्थिति बहुत दयनीय है। वहां बराबरी की बात करना तो दूर की बात है। सच कहें तो दुनिया में कहीं भी महिलाओं को पूरी तरह बराबरी का दर्जा और हक नहीं मिल पाता। भारत में भी सुधार की गुंजाइश है। हालांकि यहां पुरुष महिलाओं से कम कमाते हैं, पर उन्हें अपनी मर्जी से काम करने की आजादी तो है। दुनिया के कई देशों में महिलाएं घर से बाहर निकलकर काम भी नहीं कर सकतीं।
यह महिला खुद को खुशनसीब मानती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने हॉलीवुड, बॉलीवुड, पर्शियन, वेब सीरीज और म्यूजिक जैसी विभिन्न विधाओं में काम करने का प्रयास किया है। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे अलग-अलग भाषाओं और माध्यमों में काम करना चाहती हैं। हॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज में काम करते हुए उन्होंने ईरान की क्रांति पर एक गाना भी रिकॉर्ड किया है। आज जब वे उस गाने को अपने घर में सुनती हैं, तो उन्हें सुकून मिलता है कि उनके काम से थोड़ा बहुत बदलाव आ रहा है। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को सिर्फ सुंदर दिखने के बजाय इंसानियत के लिए और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए।