हरियाणा से 12 देशों को चावल निर्यात ठप

नवभारत टाइम्स

हरियाणा से 12 देशों को चावल निर्यात रुक गया है। इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं। कंटेनर का किराया 500-1000 डॉलर से बढ़कर 3000 डॉलर हो गया है। यह स्थिति बनी रही तो राइस मिलें बंद हो सकती हैं। निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं। इसका सीधा असर हरियाणा से 12 देशों को होने वाले चावल निर्यात पर पड़ा है, जो पूरी तरह से ठप हो गया है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने शनिवार को बताया कि इस वजह से निर्यातकों को भारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है। प्रति कंटेनर किराया जो पहले 500 से 1000 डॉलर था, अब बढ़कर 3000 डॉलर तक पहुंच गया है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो राइस मिलें बंद होने की कगार पर आ सकती हैं।

सतीश गोयल, जो ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष हैं, ने इस गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण समुद्री मार्ग बाधित हो गए हैं। इस वजह से हरियाणा से 12 देशों को चावल भेजने का काम रुक गया है। यह निर्यातकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
निर्यातकों को अब बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। पहले एक कंटेनर भेजने का किराया 500 से 1000 डॉलर लगता था। लेकिन अब यह किराया बढ़कर 3000 डॉलर तक पहुंच गया है। यह किराए में भारी बढ़ोतरी है।

अगर यह मुश्किल हालात ऐसे ही चलते रहे, तो राइस मिलों को बंद करना पड़ सकता है। यह हरियाणा के चावल उद्योग के लिए एक चिंताजनक स्थिति है।