पानीपत में आरएसएस का हेडक्वॉर्टर बनाने की तैयारी

नवभारत टाइम्स

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भारत में अपना एक नया मुख्यालय पानीपत में स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह प्रस्ताव अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। इस नए मुख्यालय से उत्तर भारत के कई राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाएगा। यह कदम 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों को देखते हुए उठाया जा रहा है।

पानीपत में आरएसएस का हेडक्वॉर्टर बनाने की तैयारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत में अपना एक समानांतर मुख्यालय बनाने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव पर हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में चर्चा होगी। इस सभा में पश्चिम बंगाल, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावी जीत के लिए एक मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा। तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन, रविवार, 15 मार्च को इस समानांतर मुख्यालय के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी दिन सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत का महत्वपूर्ण संबोधन भी होगा।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पानीपत से उत्तर भारत के सभी राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित करना काफी आसान होगा। वर्तमान में, आरएसएस का मुख्य मुख्यालय नागपुर, महाराष्ट्र में है, जो 1925 से संचालित हो रहा है। यह कदम 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें बीजेपी को उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के राज्यों में बहुमत से कुछ सीटें कम मिली थीं। आरएसएस हिंदी भाषी क्षेत्रों में अपने प्रभाव को कम नहीं होने देना चाहता।
पानीपत के पट्टीकल्याणा में स्थित माधव दृष्टि साधना केंद्र, जो लगभग 25 एकड़ में फैला है, को नागपुर मुख्यालय की तरह विकसित किया जाएगा। संघ की योजना है कि इस नए केंद्र से एक साथ कई उत्तर भारतीय राज्यों की गतिविधियों का संचालन किया जाए। इसके अलावा, संगठन की संरचना में बदलाव के प्रस्तावों को भी सुझावों के लिए रखा जाएगा। इस तीन दिवसीय सभा में संघ के भविष्य की दिशा तय की जाएगी।