कार की टक्कर से बच्चे की मौत के केस में शिक्षिका को जमानत

नवभारत टाइम्स

मोहनलालगंज में कार की टक्कर से आठ साल के बच्चे अर्जुन की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने शिक्षिका रेनू को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने आरोपी शिक्षिका को मुचलके पर रिहा कर दिया है। अर्जुन का अंतिम संस्कार पिता टिंकल ने अपने खेत में किया। पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे।

teacher gets bail in case of childs death by car collision anger among family
लखनऊ के मोहनलालगंज में इमलिया खेड़ा गांव में शुक्रवार शाम को एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से आठ साल के अर्जुन की मौत हो गई। कार चला रही शिक्षिका रेनू को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया है। हालांकि, उसे कोर्ट से पक्की जमानत करवानी होगी।

यह घटना सिसेंडी के मजरा इंमलिया खेड़ा गांव की है। अर्जुन अपने परिवारीजनों के साथ रहता था। शुक्रवार को गांव के संदीप त्रिपाठी के घर भागवत कथा का समापन था और भंडारा चल रहा था। शाम करीब 4 बजे अर्जुन प्रसाद लेकर सड़क पार कर रहा था। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। कार इतनी तेज थी कि अर्जुन छिटक कर दूर जा गिरा।
आरोप है कि कार चला रही महिला चालक, जो एक शिक्षिका बताई जा रही है, ने भागने की कोशिश की। इस कोशिश में उसने कार अर्जुन के ऊपर चढ़ा दी। अर्जुन कार में फंस गया और घिसटता चला गया। ग्रामीणों ने तुरंत कार को रोका और अर्जुन को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों ने फौरन कार चला रही शिक्षिका रेनू को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। रेनू तेलीबाग की रहने वाली है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी शिक्षिका को फिलहाल मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है।

शनिवार को अर्जुन के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ और फिर उसे गांव लाया गया। अर्जुन की मां कमलेश अपने बेटे का शव देखकर बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों ने किसी तरह उन्हें संभाला। अर्जुन के पिता टिंकल ने अपने खेत में ही अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया।

अंतिम संस्कार के समय गांव में काफी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस को इस बात का अंदेशा था कि कहीं अर्जुन के परिवारीजन और ग्रामीण प्रदर्शन न करने लगें। इसलिए एहतियात के तौर पर पुलिस की तैनाती की गई थी। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।