बिल नहीं जमा करने पर महागुन मायवुड्स की काटी गई लाइट

नवभारत टाइम्स

नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड ने महागुन मायवुड्स सोसायटी की बिजली काटी। 72 लाख रुपये बकाया होने पर यह कार्रवाई हुई। पांच हजार से अधिक परिवार परेशान हुए। बिल्डर ने 50 लाख रुपये जमा किए और बाकी राशि जल्द देने का आश्वासन दिया। करीब 11 घंटे बाद बिजली बहाल की गई। इससे पहले भी कई बार कनेक्शन काटा गया था।

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नोएडा के ग्रेनो वेस्ट में महागुन मायवुड्स सोसायटी में बिजली बिल के 72 लाख रुपये बकाया होने पर नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने सोमवार को बिजली काट दी। यह पांच महीने में चौथी बार हुआ है। बिल्डर पर बार-बार नोटिस के बावजूद बिल जमा न करने का आरोप है। इससे 5000 से अधिक परिवार परेशान हुए। एनपीसीएल के अनुसार, महागुन प्रबंधन ने 50 लाख रुपये जमा कर दिए हैं और बाकी 21 लाख, 40 हजार 593 रुपये मंगलवार तक जमा करने का आश्वासन दिया है। करीब 11 घंटे बाद शाम को बिजली बहाल कर दी गई।

एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने बताया कि सोसायटी पर 18 फरवरी को 84.33 लाख रुपये का बिल था, जिसे 28 फरवरी तक जमा करना था। ऐसा न होने पर 15 मार्च को कनेक्शन काटना था। इसके बाद बिल्डर ने 12 से 14 मार्च के बीच 13 लाख रुपये जमा किए, जिससे 71.40 लाख रुपये बकाया रह गए थे। इसी वजह से बिजली काट दी गई।
सोसायटी के निवासी वीपी बंसल ने कहा कि मेंटिनेंस चार्ज देने के बाद भी उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां 5000 परिवार रहते हैं, लेकिन कनेक्शन कटने से उन्हें जनरेटर की महंगी बिजली इस्तेमाल करनी पड़ रही है। बिल्डर समय पर पैसा जमा नहीं कर रहा है। इससे पहले पिछले साल 14, 21 नवंबर और 15 दिसंबर को भी कनेक्शन काटा गया था। उन्होंने डीएम मेधा रूपम से मिलकर मामले की शिकायत की है।

बिजली कटने से सोसायटी के हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतें आईं। लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। जनरेटर चलाने से बिजली का खर्च भी बढ़ गया, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा। बिल्डर और बिजली कंपनी के बीच फंसे निवासी अब जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए। लोगों का कहना है कि वे समय पर मेंटिनेंस का पैसा देते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।