Electricity Bill Glitch Consumers Sweating Due To New System Forced To Make Rounds
नई व्यवस्था से परेशानी, बिल ठीक कराने को लगा रहे चक्कर
नवभारत टाइम्स•
नोएडा में बिजली विभाग की नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। बिल में गड़बड़ी होने पर अब स्थानीय बिजलीघर की बजाय सेक्टर-18 स्थित मुख्य कार्यालय जाना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं का समय बर्बाद हो रहा है। नई व्यवस्था से शिकायतों का निस्तारण भी धीमा हो गया है।
नोएडा बिजली विभाग की नई नीति ने उपभोक्ताओं के होश उड़ा दिए हैं। बिल में गड़बड़ी होने पर अब स्थानीय बिजलीघर में सुनवाई नहीं होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सेक्टर-18 स्थित मुख्य कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि पार्किंग और भीड़ जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत नया कनेक्शन लेने के लिए सेक्टर-16 और मीटर बदलवाने के लिए सेक्टर-25 के अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि पहले ये सभी सुविधाएं एक ही जगह मिल जाती थीं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि इस नई नीति से शिकायतों का निपटारा धीमा हो गया है और बुजुर्गों व नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि सेक्टर-18 कार्यालय में न तो पर्याप्त पार्किंग की सुविधा है और न ही इतनी भीड़ को संभालने का इंतजाम। "वहां घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने से उपभोक्ताओं का काफी समय बर्बाद हो रहा है," उन्होंने कहा। यह विडंबना ही है कि अब नया कनेक्शन लेने के लिए सेक्टर-16 और मीटर बदलवाने के लिए सेक्टर-25 के अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पहले ये सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध थीं।आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने विभाग पर आरोप लगाया है कि इस नई नीति से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया धीमी हो गई है। इससे बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को काफी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। निवासियों ने विभाग से मांग की है कि इस जटिल व्यवस्था में सुधार किया जाए और समाधान की पुरानी, स्थानीय प्रणाली को फिर से बहाल किया जाए। बिजली विभाग की इस नई नीति ने शहर के विद्युत उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले बिल में कोई भी गड़बड़ी होने पर उपभोक्ता अपने नजदीकी स्थानीय बिजलीघर में जाकर अवर अभियंता (JE) या एसडीओ स्तर पर अपनी समस्या का समाधान करवा लेते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत बिल में किसी भी तरह के संशोधन के लिए केवल सेक्टर-18 स्थित मुख्य कार्यालय जाना अनिवार्य कर दिया गया है।