Sector 102 103 Green Belt In Bad Condition Garbage Piles Near Crores Of Flats Improvement Efforts Begin
करोड़ों के फ्लैट और ग्रीन बेल्ट बदहाल
नवभारत टाइम्स•
शहर के सेक्टर-102 और 103 की ग्रीन बेल्ट इन दिनों बेहद खराब हालत में है। हरियाली की जगह कूड़े के ढेर और सूखी झाड़ियां दिख रही हैं। करोड़ों के फ्लैटों के आसपास की इस बदहाली से निवासी नाराज हैं। जीएमडीए ने बताया कि ग्रीन बेल्ट को सुधारने का काम जल्द शुरू होगा। टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सेक्टर-102 और 103 की ग्रीन बेल्ट बदहाल है। कभी हरियाली के लिए बनाई गई यह जगह अब कूड़े और सूखी झाड़ियों से भरी है। लाखों रुपये के फ्लैट्स में रहने वाले लोग इस गंदगी से परेशान हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। जीएमडीए का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया आखिरी दौर में है और जल्द ही काम शुरू होगा।
शहर के सेक्टर-102 और 103 में ग्रीन बेल्ट की हालत इन दिनों बहुत खराब है। हरियाली के लिए बनाई गई यह जगह अब कूड़ेदान बन गई है। जगह-जगह गंदगी, सूखी झाड़ियां और कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। देखरेख न होने के कारण पूरा इलाका बदहाल नजर आ रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों में काफी नाराजगी है।इस इलाके के आसपास कई बड़ी रिहायशी सोसायटियां हैं। यहां करोड़ों रुपये के फ्लैट्स बने हुए हैं। इन सोसायटियों में रहने वाले लोग बताते हैं कि उन्होंने ग्रीन बेल्ट की सफाई और रखरखाव के लिए कई बार आवाज उठाई है। लेकिन, हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) और निवासी भी कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं।
जीएमडीए (गौतमबुद्ध नगर विकास प्राधिकरण) का कहना है कि अगर ग्रीन बेल्ट को ठीक से विकसित किया जाए तो यह इलाके की सुंदरता बढ़ा सकती है। साथ ही, लोगों को खुली और साफ जगह भी मिल सकती है। फिलहाल, यहां सिर्फ गंदगी और सूखी झाड़ियां ही नजर आ रही हैं।
इस मामले में जीएमडीए की प्रवक्ता नेहा शर्मा ने बताया कि ग्रीन बेल्ट को दुरुस्त करने के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है। इस काम के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, "टेंडर पूरा होते ही ग्रीन बेल्ट के सुधार और विकास का काम शुरू किया जाएगा।" जैसे ही टेंडर फाइनल होगा, काम शुरू हो जाएगा।