अफसरों से विरोधाभासी जानकारी पर ADG तलब

नवभारत टाइम्स

प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आईसीजेएस पोर्टल पर केस डायरी की उपलब्धता को लेकर विरोधाभासी जानकारी मिलने पर एडीजी तकनीकी उप्र पुलिस को तलब किया है। 19 मार्च को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। एक अन्य मामले में डायरेक्टर जनरल उप्र को भी उसी दिन हाजिर रहने को कहा गया है।

high court summons adg stir over contradictory information from officials
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आईसीजेएस (ICJS) पोर्टल पर केस डायरी और आपराधिक इतिहास की जानकारी को लेकर दो अधिकारियों से अलग-अलग जवाब मिलने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में एडीजी (ADG) तकनीकी उत्तर प्रदेश पुलिस को 19 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही, एक दूसरे मामले में इसी दिन डायरेक्टर जनरल उत्तर प्रदेश को भी कोर्ट में हाजिर रहने को कहा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने गणेश शंकर तिवारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने सरकारी वकील से मांगी गई जानकारी मांगी थी, लेकिन केस डायरी नहीं मिल पाई। इस पर, दूसरे मामले में पेश हुए एडीजी तकनीकी उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि केस डायरी संयुक्त निदेशक अभियोजन हाई कोर्ट को आईसीजेएस पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि, संयुक्त निदेशक ने इस बात से इनकार कर दिया।
इस विरोधाभास से कोर्ट नाराज है। कोर्ट यह जानना चाहती है कि केस डायरी और आपराधिक इतिहास जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आखिर कहां है और क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यह मामला न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और सूचना की सुलभता से जुड़ा है। आईसीजेएस पोर्टल एक ऐसा सिस्टम है जो अदालतों के बीच जानकारी साझा करने में मदद करता है।

एडीजी तकनीकी और डायरेक्टर जनरल की पेशी से यह उम्मीद है कि कोर्ट को इस मामले में स्पष्टता मिलेगी और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां नहीं होंगी। कोर्ट का यह कदम न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।