पुराने नोट के बदले बड़ी रकम देने का झांसा दे ठगता था पांचवीं पास

नवभारत टाइम्स

साइबर क्राइम वेस्ट थाना पुलिस ने पुराने नोट और सिक्के खरीदने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। राजस्थान के खैरथल तिजारा निवासी पांचवीं पास समयदीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी और इनकम टैक्स के नाम पर लाखों रुपये ठगे।

पुराने नोट के बदले बड़ी रकम देने का झांसा दे ठगता था पांचवीं पास
गुड़गांव पुलिस ने पुराने सिक्कों और नोटों को ऊंचे दामों पर खरीदने का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के खैरथल तिजारा निवासी समयदीन नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी पांचवीं पास है और एक संगठित गिरोह का हिस्सा है जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।

यह गिरोह पुराने सिक्कों और विशेष नोटों को बहुत ऊंची कीमत पर खरीदने का झांसा देता था। जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता था, तो वे रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी, इनकम टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते थे। हाल ही में, 10 मार्च को एक महिला ने साइबर क्राइम वेस्ट थाना पुलिस को शिकायत दी थी। महिला ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर पुराने सिक्के और नोट खरीदने से संबंधित विज्ञापन देखे थे।
विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठगों ने महिला के पुराने सिक्कों और नोटों की कीमत 75 लाख रुपये बताई। इतनी बड़ी रकम का लालच देकर आरोपियों ने महिला से कहा कि सिक्कों के बदले मिलने वाले पैसों पर रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी, इनकम टैक्स और अन्य चार्ज लगेंगे। इसके बाद उन्होंने महिला से अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर संदीप कुमार की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 मार्च को आरोपी समयदीन को खैरथल तिजारा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने पीड़ित महिला से बात की थी और चार्ज के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की थी।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इस पूरी ठगी में आरोपी समयदीन के हिस्से में 10 लाख रुपये आए थे। उसने बताया कि वह एक ऐसे संगठित गिरोह के साथ काम करता है जो पुराने सिक्कों के बदले अधिक दाम देने का लालच देता है। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन डालते हैं। जब कोई व्यक्ति उनसे संपर्क करता है, तो वे वॉट्सऐप पर पुराने सिक्कों की फोटो मंगवाते हैं। इसके बाद वे सिक्कों की कीमत लाखों में बताकर लोगों से रजिस्ट्रेशन, जीएसटी और इनकम टैक्स के नाम पर पैसे ऐंठते हैं।

पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जुडीशल कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। यह घटना लोगों को ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की एक और मिसाल है। ऐसे लुभावने विज्ञापनों पर तुरंत विश्वास न करें और किसी भी तरह की फीस या चार्ज के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। साइबर ठग अक्सर लोगों की लालच का फायदा उठाते हैं।