'ऊपरवाले' की पड़ी नज़र तो बंद कर दिया पत्थर चोरों का रास्ता

नवभारत टाइम्स

नूंह के फिरोजपुर झिरका में अरावली पहाड़ियों से पत्थर चोरी रोकने के लिए पुलिस ने ड्रोन का इस्तेमाल किया। अवैध रास्तों का पता लगाकर उन्हें जेसीबी से तोड़ा गया और गहरी खाई खोदी गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई। यह अभियान गुजर नंगला और शेखपुर की पहाड़ियों में चलाया गया।

divine intervention path of stone thieves blocked by drone big action by nuh police
नूंह: अरावली पर्वत श्रृंखला में हो रही पत्थर चोरी को रोकने के लिए पुलिस ने अब ड्रोन की मदद लेनी शुरू कर दी है। फिरोजपुर झिरका इलाके में कुछ लोग अवैध रूप से पत्थर चुरा रहे थे और इसके लिए उन्होंने पहाड़ों पर रास्ते भी बना लिए थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, फिरोजपुर झिरका सदर थाना पुलिस और एवीटी स्टाफ ने मिलकर एक खास अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, गांव गुजर नंगला और शेखपुर की अरावली श्रृंखला में ड्रोन उड़ाया गया। ड्रोन की मदद से उन रास्तों का पता लगाया गया जो पत्थर चोरी के लिए बनाए गए थे। इसके बाद, पुलिस ने जेसीबी मशीन से इन रास्तों को तोड़कर गहरी खाई बना दी, ताकि भविष्य में कोई भी वहां से पत्थर न ले जा सके।

सदर थाना प्रभारी सुभाष चंद के नेतृत्व में एवीटी स्टाफ के सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह और उनकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले ड्रोन उड़ाकर पहाड़ियों में पत्थर चोरी की गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्हें पता चला कि कुछ लोगों ने पहाड़ियों में अवैध रास्ते बना रखे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेसीबी से इन रास्तों को काटकर गहरी खाई बना दी।
थाना प्रभारी सुभाष चंद ने बताया कि पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग चोरी-छिपे शेखपुर और गुजरनंगला की अरावली पहाड़ियों से पत्थर चुरा रहे हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरासर अवहेलना थी। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह संयुक्त अभियान चलाया गया। ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पुलिस ने न केवल चोरी के रास्तों का पता लगाया, बल्कि उन्हें नष्ट करके भविष्य में होने वाली चोरी को भी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कार्रवाई से पर्यावरण की सुरक्षा और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित होगा।