‘कनेक्शन है नहीं, चार गुना हुए गैस के दाम, कैसे चलेगा काम’

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव में एलपीजी सिलिंडर का संकट छोटे उद्योगों और प्रवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। गैस के दाम चार गुना बढ़कर 400 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। इससे लोगों का बजट बिगड़ गया है। कालाबाजारी के कारण यह समस्या और बढ़ गई है। रेहड़ी वाले और छोटे गैस पर खाना बनाने वाले लोग परेशान हैं।

gas prices quadrupled no connection small industries and migrants in dire straits
गुड़गांव में एलपीजी सिलिंडर के बढ़ते संकट ने छोटे उद्योगों और प्रवासी मजदूरों की कमर तोड़ दी है। जिन लोगों के पास रेगुलर गैस कनेक्शन नहीं है, उन्हें छोटे सिलिंडरों में गैस भरवाने के लिए अब चार गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। पहले जहां 100 रुपये किलो मिलने वाली गैस अब 400 रुपये किलो तक बिक रही है, जिससे लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। गैस की कालाबाजारी के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर छोटे गैस सिलिंडर पर खाना बनाने वाले लोग परेशान हैं।

यह एलपीजी संकट मिलेनियम सिटी में रहने वाले उन लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, जो काम की तलाश में बाहर से आए हैं और जिनके पास नियमित गैस कनेक्शन नहीं है। ऐसे लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए छोटे गैस सिलिंडरों पर निर्भर हैं। लेकिन गैस की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले जहां चार किलो गैस सिर्फ 400 रुपये में मिल जाती थी, वहीं अब उसी गैस के लिए 350 से 400 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं। यह बढ़ोतरी इतनी ज्यादा है कि चार किलो गैस एक हफ्ते भी नहीं चल पा रही है।
इस महंगाई का असर सीधे तौर पर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। खांडसा रोड पर अंडे की रेहड़ी लगाने वाले एक शख्स ने बताया कि गैस महंगी होने के कारण उसने अब केरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का इस्तेमाल करके अपना स्टोव जलाना शुरू कर दिया है। यह स्थिति पटेल नगर, सदर बाजार, पटौदी रोड, खांडसा रोड, खांडसा मंडी और देवीलाल कॉलोनी जैसे इलाकों में देखी जा सकती है, जहां कई जरूरतमंद लोग इस संकट से जूझ रहे हैं।

हालांकि, इस गंभीर समस्या के बावजूद, विभाग के पास अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। डीएफएसओ अशोक रावत ने स्वीकार किया कि उन्हें इस तरह के मामले सुनने में जरूर आए हैं, लेकिन किसी ने भी आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें गैस एजेंसियों के साथ-साथ अवैध रूप से छोटे सिलिंडरों में गैस भरने वालों पर भी कड़ी नजर रख रही हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गैस की कालाबाजारी इस समस्या को और बढ़ा रही है। कुछ लोग इस संकट का फायदा उठाकर मनमानी कीमत पर गैस बेच रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को और भी ज्यादा परेशानी हो रही है। यह स्थिति शहर के बाजारों, कॉलोनियों और सेक्टर एरिया के आसपास रहने वाले कई लोगों को प्रभावित कर रही है। उम्मीद है कि विभाग की सक्रियता से इस कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और लोगों को राहत मिलेगी।