Noida Hotel Businessman Cheated Of Rs 35 Crore On Pretext Of Giving Flat Fraud Through Closed Account Cheques
फ्लैट दिलाने के बहाने होटल कारोबारी से साढ़े तीन करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
नवभारत टाइम्स•
नोएडा में फ्लैट दिलाने के नाम पर एक होटल कारोबारी से साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी हुई है। कानपुर के कारोबारी विकास मल्होत्रा ने पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों ने बंद खाते के चेक देकर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला है।
कानपुर के एक होटल कारोबारी से नोएडा में फ्लैट दिलाने के नाम पर 3.40 करोड़ रुपये ठगने और बंद खाते के 12 चेक देकर धोखा देने का मामला सामने आया है। इस मामले में कानपुर निवासी विकास मल्होत्रा ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मल्होत्रा, जो विस्टा डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं, ने बताया कि नोएडा की एसोटेक लिमिटेड के निदेशकों संजीव श्रीवास्तव और संदीप जैन ने 2012 में उनसे एक फ्लैट बेचा था, जिसका वादा 2014 तक कब्जा देने का किया गया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं मिला। जांच में पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से ही एक मुकदमा चल रहा है।
मल्होत्रा ने आरोपियों से मूल रकम के साथ-साथ रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) नियमों के तहत ब्याज की भी मांग की। जब आरोपियों ने भुगतान नहीं किया, तो मल्होत्रा ने 22 दिसंबर 2023 को नोएडा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, 10 जनवरी 2024 को गौतमबुद्ध नगर निवासी संजीव श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, एनाक्षी प्रियम और ग्रेटर नोएडा निवासी अचल शर्मा उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मल्होत्रा को 3 करोड़ 42 लाख 31 हजार 314 रुपये के 12 चेक दिए। जब मल्होत्रा ने ये चेक बैंक में जमा कराए, तो उन्हें पता चला कि जिस खाते से ये चेक दिए गए थे, वह चार साल पहले ही बंद हो चुका था।इस कार्रवाई के अभाव में, मल्होत्रा ने पुलिस आयुक्त को एक प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस आयुक्त के आदेश पर अब कोतवाली में इन पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि फिलहाल आरोपियों के मोबाइल नंबर नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण उनसे संपर्क स्थापित करने में दिक्कत आ रही है। यह पूरा मामला रियल एस्टेट में धोखाधड़ी का एक बड़ा उदाहरण है, जहां खरीदारों को लुभावने वादों के जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली जाती है। रेरा जैसे कानून इसी तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन आरोपियों ने इन नियमों को भी ताक पर रख दिया।