Intent To Evade Tax Must Be Proven Before Notice New Rules For Gst Officers
'नोटिस से पहले साबित करनी होगी टैक्स चोरी की नीयत'
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nपीटीआई, नई दिल्ली
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ( CBIC ) ने कहा है कि GST फील्ड अधिकारियों को अब टैक्स डिमांड का नोटिस जारी करने से पहले टैक्सपेयर की टैक्स चोरी करने की नीयत को साबित करना होगा। तभी वे धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयान देने या तथ्य छिपाने से जुड़ी GST कानून की सख्त धाराओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।एक सर्कुलर जारी करते हुए CBIC ने साफ किया कि बिना किसी ‘ठोस सबूत’ के सिर्फ टैक्स न चुकाने के आधार पर CGST कानून की धारा 74(1) या 74A(5)(ii) लागू नहीं की जा सकती। जब तक यह साबित करने के लिए ठोस सबूत न हों कि टैक्सपेयर ने टैक्स चोरी की नीयत से धोखाधड़ी की है, जानबूझकर गलत जानकारी दी है या तथ्य छिपाए हैं, तब तक ये धाराएं नहीं लगाई जाएंगी।
सर्कुलर में कहा गया है कि दस्तावेजों की जांच के मामलों में केवल इसलिए ये सख्त धाराएं नहीं लगाई जा सकतीं कि जांच में कोई गड़बड़ी या अंतर पाया गया है। स्क्रूटनी का मकसद रेकॉर्ड्स की जांच करके मामले को समझना होता है, न कि अपने आप धोखाधड़ी का मान लेना।
CBIC ने कहा, ये धाराएं तभी लागू की जा सकती हैं जब जांच में पक्के सबूत सामने आएं। इन सबूतों का कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना भी जरूरी है।