चीन के साथ भी बढ़ेंगे व्यापारिक रिश्ते: गोयल

नवभारतटाइम्स.कॉम•
piyush goyal trade relations with china will also increase india will become a major exporter
nद हेग : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जिस तरह अमेरिका और यूरोप के देशों से व्यापार संबंध मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, समय आने पर चीन के मामले में भी ऐसा किया जा सकता है। व्यापार बढ़ाने,निवेश आकर्षित करने के मकसद से जर्मनी और नीदरलैंड्स के 5 दिन के दौरे के समापन पर गोयल ने कहा कि जिन उत्पादों में भारत की महारत है, उनकी मांग इन देशों में ज्यादा है, वहीं टेक्नॉलजी में भारत इनसे सीख सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत आसियान देशों और चीन को वस्तुओं और सेवाओं का बड़ा निर्यातक बन सकता है।

चीन पर नजरिया
यूरोप और अमेरिका से व्यापार पर जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, क्या चीन के मामले में भी ऐसा हो सकता है, इस पर गोयल ने कहा, 'हां, किसी स्टेज पर हो सकता है कि हम ऐसा करें। हम हर देश के साथ फ्री और फेयर ट्रेड बढ़ाने को तैयार हैं। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत आसियान देशों और चीन को वस्तुओं और सेवाओं का बड़ा निर्यातक बनेगा।'

चीन से व्यापार संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, 'चीन हमें अहम इंटरमीडिएट गुड्स और रॉ मैटीरियल दे रहा है। अगर हम पाएंगे कि किसी प्रोडक्ट के मामले में फेयर प्ले नहीं है या प्राइसिंग उचित नहीं है, तो स्थापित प्रक्रिया के तहत कदम उठाएंगे। हम भारत की बढ़ती जरूरतें पूरी करने के लिए पूरी दुनिया से सप्लायर्स का स्वागत करते हैं।'

इससे पहले 14 अक्टूबर को गोयल ने कहा था कि भारत चीन के साथ अपने रिश्ते दोबारा मजबूत बनाने पर काम कर रहा है, हालांकि इस सफर का अंतिम पड़ाव अभी तय नहीं है।

दौरे की अहमियत

यूरोप की ग्रोथ के इंजन जर्मनी और यूरोप के गेटवे नीदरलैंड्स के दौरे के नतीजों के बारे में गोयल ने कहा, ऐसे दौरे से इन देशों के कारोबारियों को भारत के बारे में जानने-समझने का ज्यादा मौका मिलता है क्योंकि कई देशों की कंपनियों को भारत में नए बदलावों की जानकारी नहीं है। यहां की टेक्नोलॉजी कंपनियों को ध्यान आता है कि उनके इनोवेशन और भारत के टैलेंट का मेल हो जाए तो ग्लोबल मार्केट में पकड़ बना सकते हैं। भारत को भी टेक्नॉलजी में सीखने का मौका मिलेगा। गुड्स और सर्विज एक्सपोर्ट से लेकर एजुकेशन, मैनपावर और टेक्नॉलजी पार्टनरशिप तक में नए मौके बनेंगे।'

बढ़ेंगी जॉब्स

गोयल ने कहा, '15 जुलाई को ब्रिटेन से और 20 अक्टूबर को न्यूजीलैंड से ट्रेड एग्रीमेंट्स लागू हुए। मार्च तक यूरोपियन यूनियन से समझौता लागू हो जाएगा। अमेरिका से करार में भी बाकी देशों पर हमें तरजीह मिलेगी। ऐसे सभी FTA से भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।'

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