अंसल टाउनशिप ने सुशांत गोल्फ सिटी में जिन बंधक भूखंडों को बेचा था, उन्हें एलडीए अवमुक्त (Release) करेगा। इससे वैध आवंटियों के हितों की रक्षा होगी और अंसल की धोखाधड़ी का शिकार हुए बायर्स को बड़ी राहत मिलेगी। एलडीए द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। अब नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) के समक्ष परियोजना को पूर्ण करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। अनुमति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि मेसर्स असंल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एलडीए में गारंटी के तौर पर 3,489 भूखंड बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखंड इसलिए बंधक रखे गए थे, ताकि योजना में प्रस्तावित कार्य न होने पर प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कॉलोनी का विकास कर सके। नियमानुसार, बंधक भूखंड बिना प्राधिकरण की अनुमति के बेचे नहीं जा सकते, लेकिन अंसल ने 2,747 बंधक भूखंडों को बेच दिया था। वीसी ने बताया कि इन भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त करवाने से इन्हें खरीदने वाले आवंटी अधर में फंस जाते। इसलिए एलडीए ने होम बायर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए बंधक भूखंडों को अवमुक्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। 15 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई।