कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का धौलपुर में अंतिम संस्कार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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Navbharat Times
राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर जिले के भवुतीपुरा गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बेटे आसाराम ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगन गुर्जर के तीनों भाइयों को जेल से STF की निगरानी में लाया गया था ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। उन्होंने अपने भाई के अंतिम दर्शन किए और फिर उन्हें कड़ी सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया।

जगन गुर्जर के भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। STF की सुरक्षा में उन्हें जेल से धौलपुर लाया गया था। तीनों भाइयों को अलग-अलग वाहनों से लाया गया था, जिसमें अजमेर, धौलपुर STF और धौलपुर पुलिस की टीमें शामिल थीं। पूरे ऑपरेशन के दौरान उनकी सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया।
अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। सुबह करीब 7:30 बजे जगन गुर्जर का शव भवुतीपुरा गांव पहुंचा, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अंतिम दर्शन के लिए मौजूद थे।

सुरक्षा के लिए भवुतीपुरा गांव और आसपास के इलाकों में 9 थानों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया था। इन थानों में सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया शामिल थे। इसके अलावा, एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।

भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती। जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। जगन गुर्जर के तीनों भाइयों को STF की निगरानी में जेल से लाया गया था ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। उन्होंने अंतिम दर्शन किए और फिर उन्हें कड़ी सुरक्षा में वापस जेल भेज दिया गया। तीनों भाइयों को अलग-अलग वाहनों से लाया गया था, जिसमें अजमेर, धौलपुर STF और धौलपुर पुलिस की टीमें शामिल थीं। पूरे ऑपरेशन के दौरान उनकी सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया। अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। सुबह करीब 7:30 बजे जगन गुर्जर का शव भवुतीपुरा गांव पहुंचा, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अंतिम दर्शन के लिए मौजूद थे। सुरक्षा के लिए भवुतीपुरा गांव और आसपास के इलाकों में 9 थानों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया था। इन थानों में सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया शामिल थे। इसके अलावा, एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती।

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