लिवरपूल ने स्टेड रेनेस से फ्रेंच डिफेंडर जेरेमी जैक्वेट को साइन किया, पांच साल का अनुबंध
लिवरपूल ने स्टेड रेनेस से फ्रेंच डिफेंडर जेरेमी जैक्वेट को साइन किया, पांच साल का अनुबंध
NewsPoint•
लिवरपूल, 1 जुलाई (आईएएनएस)। इंग्लिश फुटबॉल क्लब लिवरपूल ने फ्रेंच डिफेंडर जेरेमी जैक्वेट को स्टेड रेनेस से साइन कर लिया है। यह 20 वर्षीय खिलाड़ी अब लिवरपूल के लिए पांच साल के अनुबंध पर खेलेगा, जिसमें आगे 12 महीने का विकल्प भी शामिल है। जैक्वेट कंधे की चोट से उबर रहे हैं और उम्मीद है कि वह प्री-सीजन की शुरुआत से उपलब्ध होंगे। उन्होंने लिवरपूल में शामिल होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है।
लिवरपूल ने जनवरी में ही 20 साल के जैक्वेट के साथ एक समझौता कर लिया था। अब यह डील पक्की हो गई है और उन्होंने एनफील्ड में पांच साल के लंबे अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अनुबंध में आगे 12 महीने का विकल्प भी है, जो अंतरराष्ट्रीय क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। जैक्वेट फरवरी में कंधे की चोट के कारण फ्रांस में अपने पिछले सीजन के अंत में नहीं खेल पाए थे। अब वह पूरी तरह फिट होकर प्री-सीजन से ही टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे।लिवरपूल से जुड़ने के बाद जैक्वेट ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा सपना सच होने जैसा है। लिवरपूल की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्होंने कहा, "मैं बहुत खुश हूं। जब मैं यहां की सुविधाएं देखता हूं, तो मुझे लगता है कि मैं यहीं का हूं। मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है और मैं शुरुआत करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। मेरे लिए यह एक बड़ा सपना है, यह एक बहुत बड़ा क्लब है। लिवरपूल जैसे बड़े क्लब में शामिल होना मेरे लिए एक बड़ा सपना सच होने जैसा है।"
जैक्वेट का सफर रेनेस की युवा टीम से शुरू होकर लिवरपूल के साथ प्रीमियर लीग तक पहुंचा है। उन्होंने खुद इस सफर को तेज किया। जनवरी 2024 में रेनेस के लिए पहली बार खेलने के बाद, जैक्वेट ने अनुभव हासिल करने के लिए अगले 12 महीने क्लेरमोंट फुट के साथ लोन पर बिताने का फैसला किया था। लेकिन 2025 में उनके मूल क्लब रेनेस ने फैसला किया कि वे खुद जैक्वेट की प्रतिभा का फायदा उठाना चाहते हैं।
इससे पहले, जैक्वेट ने 2024 की गर्मियों में नॉर्दर्न आयरलैंड में अंडर-19 यूरोपियन चैंपियनशिप में अपनी काबिलियत दिखाई थी। वह फ्रांस की टीम के लिए एक मुख्य खिलाड़ी थे। फ्रांस की टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन स्पेन से हारकर दूसरे स्थान पर रही थी। जैक्वेट का यह प्रदर्शन उनके भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत था।