चिराग पासवान भरत तिवारी के परिजनों से मिलेंगे, न्याय और कार्रवाई की मांग
चिराग पासवान भरत तिवारी के परिजनों से मिलेंगे, न्याय और कार्रवाई की मांग
NewsPoint•
पटना, 3 जुलाई: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मिलने जाएंगे। चिराग पासवान ने साफ कहा है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपराध अपराध होता है और जाति-पाति, धर्म या मजहब के नाम पर राजनीति करने वाले लोग ओछी हरकतें करते हैं। चिराग पासवान ने जोर देकर कहा कि वे ऐसी राजनीति के पक्षधर नहीं हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि जिसके साथ भी गलत हुआ है और जिसने भी गलत किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना बहुत जरूरी है। इसी सोच के साथ वे आज खुद भरत तिवारी के घर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही वहां जाकर परिवार से पूरी जानकारी ले चुके हैं। चिराग पासवान ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करवाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।इससे पहले, चिराग पासवान ने भरत तिवारी मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की तस्वीर 'एक्स' पर शेयर करते हुए लिखा था, "नई दिल्ली में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की निर्मम हत्या व आरा में पुलिस की ओर से भरत तिवारी की हत्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर पीड़ित परिजनों को शीघ्र और उचित न्याय दिलाने का आग्रह किया।"
मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि यह जांच का विषय है कि हथियार कहां से आया। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से भरत तिवारी पर गोली चलाई गई और जिस तरह से आत्मसमर्पण करने के बाद भी उन्हें मारा गया, वह बिल्कुल भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह तरीका कतई उचित नहीं है।
चिराग पासवान का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भरत तिवारी के परिवार ने पुलिस पर एनकाउंटर के नाम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, उसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना ने बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिराग पासवान की इस पहल से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वे इस मामले को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है। चिराग पासवान का यह कदम दिखाता है कि वे आम लोगों के मुद्दों को उठाने में पीछे नहीं हटते।