केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल का आपत्तिजनक व्यवहार, मीडिया को दिखाई मिडिल फिंगर
केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल का आपत्तिजनक व्यवहार, मीडिया को दिखाई मिडिल फिंगर
NewsPoint•
पुणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई जांच नहीं, बल्कि मीडिया के सामने उसका आपत्तिजनक बर्ताव है। पुलिस जब उसे ले जा रही थी, तब सिया गोयल ने मीडियाकर्मियों को मिडिल फिंगर दिखाई। यह सब कैमरे में कैद हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। गुरुवार को पुलिस जांच के सिलसिले में सिया गोयल को पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके घर ले गई थी। उस समय उसने काले रंग की टी-शर्ट पहनी थी और चेहरे को प्रिंटेड स्कार्फ से ढका हुआ था। घर से निकलते वक्त उसने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को देखा और कैमरों के सामने मिडिल फिंगर दिखा दी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उसकी खूब आलोचना की। कई लोगों ने हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी होने के बावजूद ऐसे बर्ताव को असंवेदनशील और गलत बताया।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले की पहाड़ी से कारोबारी केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने का आरोप है। शुरुआत में सिया ने पुलिस को बताया था कि केतन का पैर फिसलने से यह हादसा हुआ था। इसी के आधार पर पुलिस ने पहले आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था। लेकिन, पूछताछ के दौरान सिया के बयानों और उसके बर्ताव में कथित तौर पर विरोधाभास मिलने पर पुलिस को शक हुआ। आगे की जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।जांच में यह भी पता चला कि सिया और केतन की शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से तय हो चुकी थी और इसी साल नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। पुलिस का आरोप है कि चेतन चौधरी इस रिश्ते से खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते में एक रुकावट मानता था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर कथित तौर पर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, 14 जून को भी सिया ने कथित तौर पर केतन को किले से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। लेकिन, केतन पहाड़ी के किनारे लगी झाड़ियों को पकड़कर बच गया था। इसके बाद सिया ने कथित तौर पर सांप देखने का बहाना बनाकर उसका ध्यान भटकाया और उसे यकीन दिलाया कि सब कुछ ठीक है। जांच एजेंसियों का दावा है कि बाद में सिया ने केतन को दोबारा उसी किले पर चलने के लिए मना लिया, जहां चेतन भी पहुंच गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने पीछे से धक्का देकर केतन को गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अब दोनों आरोपियों को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुणे ग्रामीण पुलिस उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी, जबकि बचाव पक्ष न्यायिक हिरासत की मांग कर सकता है।
यह घटना सिया गोयल के बर्ताव पर सवाल उठाती है, खासकर तब जब वह एक गंभीर अपराध की आरोपी है। सोशल मीडिया पर लोगों ने उसके इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। कई लोगों का कहना है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होने के बावजूद इस तरह का व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को भी उजागर करती है।
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्य बताते हैं कि यह हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। चेतन चौधरी केतन को अपने और सिया के रास्ते का कांटा मानता था और इसी वजह से उसने इस खूनी साजिश को अंजाम दिया। सिया गोयल की भूमिका भी इसमें अहम बताई जा रही है, जिसने न केवल साजिश में साथ दिया बल्कि पहली बार में नाकाम रहने पर दूसरी बार इस योजना को पूरा करने में मदद की।
लोहगढ़ किले की पहाड़ी का इस्तेमाल हत्या के लिए किया जाना इस बात का संकेत देता है कि आरोपियों ने एक ऐसी जगह चुनी जहां से किसी को शक न हो और शव आसानी से गायब हो जाए। पुलिस की सूझबूझ और जांच के कारण ही यह मामला आकस्मिक मौत से हत्या में बदला और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका।
अब कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह देखना अहम होगा कि पुलिस अपनी रिमांड बढ़ा पाती है या नहीं और आरोपियों को सजा दिलाने में कितनी कामयाब होती है। इस बीच, सिया गोयल का यह आपत्तिजनक बर्ताव निश्चित रूप से मामले को और भी सनसनीखेज बना देगा और लोगों की नजरें उस पर टिकी रहेंगी। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि अपराध की दुनिया में ऐसे लोग कैसे अपनी हरकतों से बाज नहीं आते, भले ही वे कितनी भी बड़ी मुसीबत में फंसे हों।