धमतरी: 48 घंटे में हत्या का खुलासा, मां बेटे ने मिलकर की युवक की हत्या, शव को लटकाया
धमतरी: 48 घंटे में हत्या का खुलासा, मां-बेटे ने मिलकर की युवक की हत्या, शव को लटकाया
NewsPoint•
धमतरी जिले में पुलिस ने महज़ 48 घंटे के अंदर एक सनसनीखेज हत्या का पर्दाफाश कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। शराब पीने के लिए पैसे मांगने पर हुए विवाद में मां और बेटे ने मिलकर 23 साल के युवक की जान ले ली। बाद में उन्होंने शव को फंदे पर लटकाकर खुदकुशी का रूप देने की कोशिश की। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के सख्त निर्देशों पर चौकी बिरेझर पुलिस ने बारीकी से जांच, वैज्ञानिक सबूतों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मदद से इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना धमतरी जिले के कुरूद थाना इलाके के ग्राम गोजी में हुई। 29 जून 2026 को 23 साल के नरसिंग साहू की मौत हो गई थी। शुरू में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था। लेकिन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मामले की गहराई से जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि नरसिंग की मौत गला घोंटने और रस्सी से सांस रुकने की वजह से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया।तकनीकी सबूतों, आसपास की परिस्थितियों और गवाहों से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच मृतक के भाई नरेश साहू (22) और मां कमला बाई साहू (60) तक पहुंची। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि नरसिंग शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा था। जब उसे पैसे नहीं मिले तो विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। गुस्से में आकर दोनों ने पहले हाथ से नरसिंग का गला दबाया। फिर नारियल की रस्सी से उसका गला कसकर उसकी जान ले ली। उन्हें शक था कि मृतक शायद ज़िंदा हो, इसलिए उन्होंने उसे कीटनाशक दवा भी पिला दी। इस अपराध को छिपाने के लिए उन्होंने शव को फंदे पर लटका दिया और परिवार वालों को खुदकुशी की झूठी कहानी सुनाई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कुरूद थाने में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की हत्या और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में फैली सनसनी पर विराम लग गया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे नशे की लत और मामूली विवाद भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच कर सच सामने लाने में अहम भूमिका निभाई है।