ओडिशा की नई पाठ्यपुस्तकों में गलतियों पर जनभागीदारी की अपील, Scert ने मांगी राय
ओडिशा की नई पाठ्यपुस्तकों में गलतियों पर जनभागीदारी की अपील, SCERT ने मांगी राय
NewsPoint•
भुवनेश्वर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने कक्षा 1 से 4 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई लगभग 1,678 गलतियों के बाद शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और आम नागरिकों से इन किताबों में मौजूद किसी भी तरह की त्रुटि, चाहे वह तथ्यात्मक हो, भाषा संबंधी हो, या छपाई की हो, की जानकारी साझा करने की अपील की है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार की जा रही नई पाठ्यपुस्तकों में सामने आई कमियों के जवाब में की गई है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया है, और छह अन्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
ओडिशा के स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने लोगों से इन नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई किसी भी गलती को बताने का आग्रह किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि तथ्यात्मक गलतियों, भाषा की खामियों, टाइपिंग या छपाई की गलतियों, या किसी भी अन्य कमी की रिपोर्ट की जा सकती है। सुझाव भेजने के लिए एक ईमेल आईडी और व्हाट्सएप नंबर 7008546111 उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, विद्या समीक्षा केंद्र की हेल्पलाइन 18003456722 पर भी सुझाव लिए जा रहे हैं।स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की संशोधित किताबों को अंतिम रूप देने से पहले सार्वजनिक समीक्षा के लिए जारी किया गया है। इन किताबों की डिजिटल प्रतियां विभाग और ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण की वेबसाइटों पर अपलोड कर दी गई हैं। इससे विशेषज्ञ और आम लोग इन्हें देखकर अपनी राय दे सकते हैं। विभाग ने सभी हितधारकों से सात दिनों के भीतर अपने सुझाव भेजने का अनुरोध किया है।
स्कूल और जन शिक्षा सचिव एन. तिरुमाला नायक ने बताया कि सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही पाठ्यपुस्तकों को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर उनका प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक संशोधित और अंतिम पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक शिक्षकों और छात्रों को सही जानकारी अलग से दी जाएगी, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार की जा रही नई पाठ्यपुस्तकों में कई खामियां पाई गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में कुल 1,678 तथ्यात्मक, टाइपिंग और प्रिंटिंग से जुड़ी गलतियाँ सामने आई थीं। इन गलतियों के कारण राज्यभर में काफी नाराजगी देखने को मिली थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। टीचर ट्रेनिंग और ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण के पूर्व निदेशक सहित चार अधिकारियों और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि प्राथमिक स्तर के छात्रों को एकदम सही और त्रुटिरहित अध्ययन सामग्री मिले। यह पहल शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।