ओडिशा की नई पाठ्यपुस्तकों में गलतियों पर जनभागीदारी की अपील, SCERT ने मांगी राय

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भुवनेश्वर, 3 जुलाई: ओडिशा सरकार ने कक्षा 1 से 4 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गड़बड़ियों को सुधारने के लिए जनता से मदद मांगी है। स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और आम लोगों से किताबों में किसी भी तरह की गलती, चाहे वह तथ्यात्मक हो, भाषा की हो या छपाई की, बताने का आग्रह किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार की जा रही किताबों में पहले ही 1,678 गलतियाँ मिल चुकी हैं, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

ओडिशा के स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने एक बड़ी पहल करते हुए लोगों से कक्षा 1 से 4 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई संभावित गलतियों को बताने के लिए कहा है। परिषद ने शिक्षकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, छात्रों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन किताबों में मौजूद किसी भी प्रकार की त्रुटि की जानकारी साझा करें। इसका मकसद यह है कि आने वाले समय में इन किताबों के नए संस्करणों में जरूरी सुधार किए जा सकें। SCERT ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर साफ किया है कि किताबों में तथ्यात्मक गलतियां, भाषा संबंधी त्रुटियां, टाइपिंग या प्रिंटिंग की गलतियां या किसी भी तरह की कमी को रिपोर्ट किया जा सकता है।
लोगों को अपनी राय और सुझाव भेजने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप नंबर 7008546111 पर संपर्क करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, विद्या समीक्षा केंद्र की हेल्पलाइन 18003456722 भी सक्रिय कर दी गई है, जहाँ से भी सुझाव लिए जा रहे हैं। स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की संशोधित किताबों को अंतिम रूप देने से पहले सार्वजनिक समीक्षा के लिए जारी किया गया है। इन किताबों की डिजिटल प्रतियां विभाग और ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण की वेबसाइटों पर अपलोड कर दी गई हैं। इससे विशेषज्ञ और आम लोग इन्हें देखकर अपनी राय दे सकते हैं।

विभाग ने सभी हितधारकों से सात दिनों के भीतर अपने सुझाव भेजने का आग्रह किया है। स्कूल और जन शिक्षा सचिव एन. तिरुमाला नायक ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर ध्यान से विचार करने के बाद ही पाठ्यपुस्तकों को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर उनका प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक संशोधित और अंतिम पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक शिक्षकों और छात्रों को सही जानकारी अलग से दी जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया है, जिसके तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में कुल 1,678 तथ्यात्मक, टाइपिंग और प्रिंटिंग से जुड़ी गलतियाँ पाई गई थीं। इन गलतियों के कारण पूरे राज्य में काफी नाराजगी देखने को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। टीचर ट्रेनिंग और ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण के पूर्व निदेशक सहित चार अधिकारियों और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि प्राथमिक स्तर के छात्रों को एकदम सही, सटीक और त्रुटिरहित अध्ययन सामग्री मिले। इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी गलतियाँ दोबारा नहीं होंगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।

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