डीके शिवकुमार का कुमारस्वामी और देवगौड़ा पर तीखा हमला, बिदादी टाउनशिप विवाद पर बोले जेल मेरे लिए नई बात नहीं

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Navbharat Times
बेंगलुरु, 15 जुलाई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जेल उनके लिए कोई नई बात नहीं है और कुछ लोग उनके मुख्यमंत्री बनने की बात पचा नहीं पा रहे हैं। शिवकुमार, कुमारस्वामी और देवगौड़ा तीनों वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, जिसका दक्षिण कर्नाटक की राजनीति में बड़ा प्रभाव है। फिलहाल, शिवकुमार और देवगौड़ा परिवार के बीच इस समुदाय का समर्थन हासिल करने के लिए राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है।

विधान सौधा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने आरोप लगाया कि जनता दल (सेक्युलर) का नेतृत्व उनके राजनीतिक उभार को रोकने की कोशिश कर रहा है और लगातार यह कहता रहा है कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "कुछ लोग मेरा मुख्यमंत्री बनना पचा नहीं पा रहे हैं। वे राज्य में हो रहे विकास और जनता के स्नेह को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "कुमारस्वामी बार-बार कहते रहे हैं कि मैं एक दिन जेल जाऊंगा। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। जेल मेरे लिए नई बात नहीं है। जब मैं जेल में था तो वे मुझसे मिलने सम्मानपूर्वक आए थे। आप अपना संघर्ष जारी रखिए और मुझे जेल भेजने की कोशिश करते रहिए।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ हो रही कथित साजिशों की जानकारी है और कानूनी चुनौतियों के बावजूद वे और मजबूत होकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, "जेल से बाहर आने के बाद मैं मुख्यमंत्री बना। Supreme Court ने उन मामलों को खारिज कर दिया। मैं जानता हूं कि कुछ लोगों का मकसद किसी दूसरे नेता को आगे बढ़ने नहीं देना है।"

शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि इस उम्र में कोई (देवगौड़ा) महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने खड़ा होकर प्रदर्शन करे। कोई मां सरकारी अधिकारियों को झाड़ू से मारने के लिए मजबूर हो। अगर मैं दोषी हूं और मैंने लोगों की आजीविका नष्ट की है तो मैं आलोचना झेलने के लिए तैयार हूं।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में अलग-अलग सरकारों के दौरान हवाई अड्डों, सिंचाई परियोजनाओं और शहरी विकास योजनाओं के लिए जमीनें ली जाती रही हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों एसएम कृष्णा और एम वीरप्पा मोइली के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय बेंगलुरु के आसपास के किसानों ने कम मुआवजे पर जमीनें दी थीं, लेकिन आज उन जमीनों की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बिदादी टाउनशिप परियोजना न तो उनका कोई खास सपना है और न ही इसकी शुरुआत उन्होंने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी किसानों को गुमराह कर रहे हैं और उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने फिर से कहा कि बिदादी टाउनशिप के लिए किसी से भी जबरन जमीन नहीं ली जाएगी। उन्होंने इस मामले की समीक्षा के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ समिति (expert panel) बनाने की घोषणा की।

यह पूरा मामला बिदादी टाउनशिप परियोजना से जुड़ा है, जिसे लेकर विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है कि यह परियोजना उनकी नहीं है और विरोध प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक कारण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेल जाना उनके लिए कोई नई बात नहीं है और वे कानूनी चुनौतियों से डरते नहीं हैं।

शिवकुमार ने देवगौड़ा और कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उनके मुख्यमंत्री बनने से खुश नहीं हैं और उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे किसानों की जमीनें जबरन नहीं लेंगे और इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी।

यह भी समझना जरूरी है कि वोक्कालिगा समुदाय का कर्नाटक की राजनीति में कितना महत्व है। शिवकुमार, कुमारस्वामी और देवगौड़ा इसी समुदाय से आते हैं और उनके बीच इस समुदाय का समर्थन पाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी सरकारों ने विकास परियोजनाओं के लिए जमीनें ली हैं और उस समय किसानों ने कम मुआवजे पर जमीनें दी थीं। उन्होंने कहा कि आज उन जमीनों की कीमत बहुत बढ़ गई है।

कुल मिलाकर, यह मामला राजनीतिक खींचतान, समुदाय के प्रभाव और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने विरोधियों पर आरोप लगाते हुए मामले को सुलझाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है।

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