मोहन यादव ने बस से किया सफर, जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक को मिली मंजूरी

NewsPoint
Navbharat Times
भोपाल, 19 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक बार फिर अपनी सादगी का परिचय देते हुए, अपने सरकारी काफिले को छोड़कर सभी मंत्रियों के साथ ई-बस से जगदीशपुर तक का सफर तय किया। यह यात्रा 'सब नागरिक समान - सबको सम्मान' की भावना से आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होने के लिए की गई थी। इस बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 2026 के विधेयक को मंजूरी दी गई, जिसे मुख्यमंत्री ने सभी को बराबरी का अवसर देने वाला बताया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार सुबह अपने आवास से सभी मंत्रियों के साथ जगदीशपुर के लिए ई-बस में बैठकर प्रस्थान किया। बस में उनके साथ मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी बैठे नजर आए। जगदीशपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने एक धरोहर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें प्रदेश के जनजातीय नायकों, महान शासकों और राष्ट्रभक्तों के प्रेरक चित्र प्रदर्शित किए गए थे। इसके बाद उन्होंने लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किए गए जगदीशपुर दुर्ग का लोकार्पण किया और इसके इतिहास व संरक्षण कार्यों पर बनी एक विशेष फिल्म देखी।
यह कैबिनेट बैठक राजधानी भोपाल के बाहर आयोजित की गई थी, जो पिछले ढाई सालों में ऐसी सातवीं बैठक थी। इससे पहले जबलपुर, दमोह, खरगोन, नर्मदापुरम, छतरपुर और बड़वानी जैसे शहरों में भी कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, जगदीशपुर में हुई यह बैठक 'समानता और न्याय की भावना को समर्पित' थी और इसकी शुरुआत 'वंदे मातरम' के सामूहिक गान से हुई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठकों की जानकारी देते हुए बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी)- 2026 के विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने इस विधेयक को सभी को बराबरी का अवसर देने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस अधिनियम को लागू करने से पहले दो महीने पहले एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम बहनों ने यूसीसी का समर्थन किया है, और 40 प्रतिशत मुस्लिम व्यक्तियों ने भी यूसीसी के पक्ष में अपनी राय दी है। आज कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह कदम जनता के बीच उनकी सादगी और आम आदमी से जुड़ाव को दर्शाता है। सरकारी अमले के साथ बस में सफर करना एक अनूठी मिसाल है, जो यह संदेश देता है कि सत्ता में बैठे लोग भी आम जनता की तरह यात्रा कर सकते हैं। यह पहल निश्चित रूप से लोगों को प्रेरित करेगी और सरकारी अधिकारियों के लिए एक उदाहरण पेश करेगी।

जगदीशपुर दुर्ग का लोकार्पण और धरोहर प्रदर्शनी का अवलोकन भी मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति सम्मान को दर्शाता है। यह प्रदर्शनी प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों को याद करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर कैबिनेट की मंजूरी एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करेगा। यूसीसी को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों की राय जानने के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के एक बड़े हिस्से ने भी इसका समर्थन किया है। यह दर्शाता है कि सरकार समावेशी तरीके से निर्णय ले रही है और सभी की चिंताओं को ध्यान में रख रही है। यूसीसी का उद्देश्य देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित करना है, जो व्यक्तिगत कानूनों में समानता लाएगा।

रेकमेंडेड खबरें