न्यूयॉर्क मेयर नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की बात पर घिरे, इजरायल ने किया पलटवार
न्यूयॉर्क मेयर नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की बात पर घिरे, इजरायल ने किया पलटवार
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न्यूयॉर्क, 19 जुलाई (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क शहर के मेयर एरिक एडम्स ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिस पर इजरायल के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मेयर एडम्स ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क आते हैं तो उन्हें युद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस काम के लिए कोई नया कानून नहीं बनाएंगे और न्यूयॉर्क शहर के मौजूदा कानूनों का ही पालन करेंगे। इस बयान के बाद अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने पलटवार करते हुए कहा कि नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की मेयर एडम्स की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
मेयर एडम्स ने अपने बयान में कहा कि उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हेग में होना चाहिए। उन्होंने नेतन्याहू को एक युद्ध अपराधी बताया, जिन पर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने आरोप लगाए हैं। मेयर एडम्स ने कहा कि यह राय कई लोगों की है, क्योंकि पिछले कई सालों में नेतन्याहू के कामों ने ऐसा माहौल बनाया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे न्यूयॉर्क शहर में कानूनों का पालन करेंगे, क्योंकि एक नेता के तौर पर कानून का पालन करना बहुत जरूरी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इस तरह की कोई कार्रवाई करेंगे, तो उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क शहर में कानून उन्हें जो भी करने की इजाजत देगा, वे वही करेंगे, लेकिन वे इसके लिए अपना कानून नहीं लिखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उनकी कानूनी विभाग के साथ बातचीत चल रही है। मेयर एडम्स ने न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट को आईसीसी द्वारा वॉन्टेड नेताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट लागू करने के लिए भेजने का वादा किया था, जिसमें नेतन्याहू और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे नेता शामिल हैं।मेयर एडम्स की इस धमकी का जवाब देते हुए अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मेयर एडम्स: यूएनजीए के दौरान न्यूयॉर्क में पीएम नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की आपकी धमकी क्यों नहीं पूरी होगी: पहला, अमेरिका रोम स्टैच्यूट का हिस्सा नहीं है जो आईसीसी के तहत आता है। दूसरा, यूएन हेडक्वार्टर एग्रीमेंट आने वाले सरकार के प्रमुखों को डिप्लोमैटिक सुरक्षा देता है। तीसरा, हेड-ऑफ-स्टेट इम्यूनिटी लागू होती है। चौथा, फेडरल अथॉरिटी किसी भी स्थानीय मेयर की इच्छा से ऊपर है। यह पूरी तरह से राजनीतिक नाटक है।"
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डेनी डेनन ने भी मेयर एडम्स को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एडम्स न्यूयॉर्क पर शासन करने में नाकाम हो रहे हैं। मेयर के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने और अपने शहर में यहूदियों के खिलाफ नफरत (एंटीसेमिटिज्म) की बढ़ती लहर का सामना करने के बजाय, उन्होंने इजरायल पर हमला करके दुश्मनी भड़काने और सुर्खियां बटोरने का रास्ता चुना है। डेनी डेनन ने आगे कहा, "इससे कुछ नहीं बदलेगा। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू न्यूयॉर्क आएंगे, गर्व के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और दुनिया के सामने इजरायल की सच्चाई और अपने नागरिकों की रक्षा करने के पक्के अधिकार को बताएंगे। और अगर किसी को गिरफ्तार होना चाहिए तो वो जोहरान ममदानी हैं।"
न्यूयॉर्क में इजरायल के काउंसलर जनरल ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर के पास इजरायल के प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने का आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। जिन मामलों पर उनका कोई अधिकार नहीं है, उन्हें संभालने के बजाय, उन्हें न्यूयॉर्क और सिर्फ न्यूयॉर्क को चलाना शुरू कर देना चाहिए।
इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी ने भी मेयर एडम्स के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा, "एडम्स हमारे सबसे करीबी साथियों में से एक के प्रमुख को गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें स्थानीय कानून प्रवर्तन का राजनीतिकरण करना और अमेरिकी विदेश नीति में दखल देना बंद कर देना चाहिए और इसके बजाय बढ़ते किराए और घरों की कीमतों और एनवाईसी में एंटीसेमिटिज्म पर फोकस करना चाहिए।"
इजरायल में अमेरिका के पूर्व राजदूत डैनियल बी. शापिरो ने मेयर एडम्स के लिए एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू अपनी राजनीतिक करियर के लिए लड़ रहे हैं। कई इजरायली उनसे तंग आ चुके हैं और उन्हें बाहर करना चाहते हैं। न्यूयॉर्क में उन्हें गिरफ्तार करने की बेकार कोशिश का एकमात्र नतीजा यह हो सकता है कि उन्हें अपने देश में राजनीतिक बढ़त मिले। यह उनका खुद का लक्ष्य होगा।
यह पूरा मामला न्यूयॉर्क शहर के मेयर के एक बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को युद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तार करने की बात कही। यह बयान तब आया जब नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क आने वाले थे। मेयर एडम्स ने कहा कि वे मौजूदा कानूनों के तहत ही कार्रवाई करेंगे और कोई नया कानून नहीं बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे न्यूयॉर्क पुलिस को ऐसे नेताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट लागू करने के लिए भेजेंगे।
इस बयान पर इजरायल की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने मेयर एडम्स की मंशा पर सवाल उठाया और कहा कि अमेरिका रोम स्टैच्यूट का हिस्सा नहीं है, जो आईसीसी के तहत आता है। उन्होंने यह भी बताया कि यूएन हेडक्वार्टर एग्रीमेंट के तहत सरकार के प्रमुखों को डिप्लोमैटिक सुरक्षा मिलती है और हेड-ऑफ-स्टेट इम्यूनिटी भी लागू होती है। वॉल्ट्ज ने इसे एक राजनीतिक नाटक बताया।
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डेनी डेनन ने मेयर एडम्स पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें अपने शहर की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, जैसे कि यहूदियों के खिलाफ नफरत का बढ़ना। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आएंगे और इजरायल की सच्चाई दुनिया के सामने रखेंगे। डेनन ने तो यहां तक कह दिया कि अगर किसी को गिरफ्तार होना चाहिए तो वह मेयर एडम्स खुद हैं।
न्यूयॉर्क में इजरायल के काउंसलर जनरल ने भी मेयर एडम्स के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें इजरायल के प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि मेयर को अपने शहर की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
रिपब्लिकन पार्टी ने भी इस मामले में मेयर एडम्स का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मेयर को स्थानीय कानून प्रवर्तन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए और अमेरिकी विदेश नीति में दखल नहीं देना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें न्यूयॉर्क में बढ़ते किराए, घरों की कीमतों और यहूदियों के खिलाफ नफरत जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
पूर्व अमेरिकी राजदूत डैनियल बी. शापिरो ने मेयर एडम्स को सलाह दी कि नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की कोशिश से उन्हें अपने देश में राजनीतिक फायदा मिल सकता है, जो कि उनका अपना लक्ष्य हो सकता है।
यह पूरा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि क्या एक शहर का मेयर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार करने की धमकी दे सकता है, खासकर जब वह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए शहर में हो। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय कानून, कूटनीति और स्थानीय राजनीति के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है। मेयर एडम्स का बयान, भले ही उन्होंने कानूनों का पालन करने की बात कही हो, लेकिन इसने निश्चित रूप से एक बड़ी बहस छेड़ दी है।