संजय निषाद ने राम मंदिर ट्रस्ट, सोनम वांगचुक और कांग्रेस पर दी प्रतिक्रिया
संजय निषाद ने राम मंदिर ट्रस्ट, सोनम वांगचुक और कांग्रेस पर दी प्रतिक्रिया
NewsPoint•
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने संसद के मानसून सत्र, सोनम वांगचुक के अनशन, राम मंदिर ट्रस्ट में कथित विवाद और माफियाओं के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ के अभियान जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और जनता ने सरकार को जनहित और राष्ट्रहित में कानून बनाने का अधिकार दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशहित में उठाए गए कदमों की उन्होंने सराहना की.
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर राहुल गांधी द्वारा सरकार को घेरने के सवाल पर संजय निषाद ने विपक्ष पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को अपना अनशन खत्म कर देना चाहिए. मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग केवल ‘एसी’ और ‘पीसी’ में फंसते हैं.मौलाना अरशद मदनी के कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि 1931 से 10 अगस्त 1950 तक कमजोर मुसलमानों को आरक्षण मिलता था. उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों के जाल में फंसकर वे गरीब हो गए. मंत्री के अनुसार, इन उलेमाओं ने जवाहरलाल नेहरू से मिलकर उनका आरक्षण खत्म करा दिया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आरक्षण विरोधी है.
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर निर्मोही अखाड़े द्वारा उठाए गए सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि ट्रस्ट का मतलब विश्वास होता है. उन्होंने माना कि अगर कुछ लोगों की नीयत बदल जाए तो कुछ नहीं कहा जा सकता. लेकिन, उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रस्ट अपने आप में एक व्यवस्था और संविधान की तरह होता है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के समय कांग्रेस का रुख अलग था, लेकिन अब विवाद सामने आने पर उनका रुख बदल गया है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “किसी राजमहल में चोरी हो जाए तो सजा चोर को मिलेगी. अपराधी चोर है, राजा या राजमहल नहीं.” उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज "उत्तम प्रदेश" बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज है. पहले लोग तलवार के बल पर चलते थे, लेकिन अब व्यवहार और संस्कार के साथ त्योहार मनाए जाते हैं. यह बदलाव प्रदेश की तरक्की को दर्शाता है.
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश का शासन संविधान के अनुसार चलता है. जनता ने सरकार को यह अधिकार दिया है कि वह लोगों के भले और देश के हित में नए कानून बनाए. अगर जरूरत पड़े तो पुराने कानूनों में बदलाव भी करे. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उन फैसलों की तारीफ की, जो उन्होंने देश के हित में लिए हैं.
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया हमेशा ऐसा ही रहा है. वे एक तरफ तो सरकार पर सवाल उठाते हैं और दूसरी तरफ खुद के फैसलों पर कायम नहीं रहते. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग केवल आरामदायक माहौल में ही काम कर पाते हैं.
आरक्षण के मुद्दे पर संजय निषाद ने इतिहास का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि कैसे पहले कुछ समुदायों को आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन बाद में यह बंद हो गया. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने इस आरक्षण को खत्म करवाने में भूमिका निभाई.
राम मंदिर ट्रस्ट के मामले में उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य विश्वास बनाए रखना है. अगर कुछ लोग इस विश्वास को तोड़ते हैं, तो यह उनकी व्यक्तिगत गलती है, न कि ट्रस्ट की. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट एक मजबूत व्यवस्था की तरह काम करता है, जैसे संविधान देश को चलाता है.
कांग्रेस के नेताओं द्वारा राम मंदिर को लेकर उठाए गए सवालों पर मंत्री ने कहा कि जब मंदिर बन रहा था, तब कांग्रेस चुप थी. अब जब निर्माण पूरा हो गया है और कुछ छोटी-मोटी समस्याएं आ रही हैं, तो वे सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनकी पुरानी आदत है कि वे हर मुद्दे पर राजनीति करते हैं.
माफियाओं के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए बहुत अच्छी बात है. इससे प्रदेश में शांति और सुरक्षा बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि पहले गुंडे-बदमाशों का बोलबाला था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. लोग अब डर के बिना अपना जीवन जी सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों को भी अब लोग खुशी और भाईचारे के साथ मनाते हैं, न कि किसी डर के साये में.