खेसारी लाल यादव ने प्रशांत किशोर के विकास विजन की तारीफ की, बांकीपुर उपचुनाव पर बोले

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Navbharat Times
पटना, 19 जुलाई। भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों अपने बयानों को लेकर खूब चर्चा में हैं। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी, जिसमें लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का मामला, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी शामिल है। खेसारी ने कहा कि सोनम वांगचुक का संघर्ष सिर्फ उनका नहीं, बल्कि देश के हर उस अभिभावक का है जो अपने बच्चों और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों की शिक्षा, रोजगार और देश के भविष्य जैसे मुद्दों पर सभी को आगे आकर अपना साथ देना चाहिए।

खेसारी लाल यादव ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से पहले जनता को यह देखना चाहिए कि वह कितना बेहतर है और उसके पास विकास को लेकर क्या सोच है। खेसारी ने कहा कि प्रशांत किशोर उन्हें हमेशा से पसंद रहे हैं क्योंकि उनके पास बिहार के विकास का एक स्पष्ट विजन है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में ऐसे ही लोगों की जरूरत है जो रोजगार और बच्चों की शिक्षा के लिए लड़ सकें। खेसारी ने एक नेता की तुलना घर के गार्जियन से करते हुए कहा कि अगर गार्जियन सही नहीं होगा तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि उन्होंने अब तक कई लोगों को मौका दिया है, तो इस बार प्रशांत किशोर जैसे पढ़े-लिखे इंसान को भी मौका देकर देखें, शायद परिणाम बेहतर हों। खेसारी ने यह भी कहा कि नेता को बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होगा और यह फैसला अगले पांच साल और हमारे बच्चों के भविष्य का है।

खेसारी लाल यादव ने खुद को एक कलाकार बताते हुए कहा कि वे नेता बन सकते हैं, लेकिन उनके पास विकास का कोई मैप नहीं है क्योंकि वे उतने पढ़े-लिखे नहीं हैं। उन्हें विकास को समझने के लिए किसी और की मदद लेनी पड़ेगी। इसके विपरीत, प्रशांत किशोर पूरी दुनिया देख चुके हैं और बेहद शिक्षित हैं। खेसारी ने साफ किया कि उन्हें नेता बनने का कोई शौक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हम पढ़े-लिखे लोगों को सदन में भेजेंगे, तो वे हर मंच पर हमारे बच्चों के हक की आवाज उठाएंगे।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व Chief Minister लालू प्रसाद यादव के खराब स्वास्थ्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में खेसारी लाल यादव ने कहा कि लालू यादव की सेहत को लेकर उनकी हमेशा से भगवान से यही प्रार्थना रही है कि वे जल्द स्वस्थ हों। खेसारी ने कहा कि वे चाहते हैं कि जब तक हम जिएं, हमें ऐसे पिता समान नेता का आशीर्वाद मिलता रहे। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने बिहार की जनता को बड़ा जनाधार दिया है, लोगों को बेहद प्यार किया है और यही वजह है कि आज भी पूरा बिहार उन्हें उतना ही प्यार करता है।

खेसारी लाल यादव ने सोनम वांगचुक के मामले पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह लड़ाई सिर्फ सोनम वांगचुक की नहीं है। यह देश के हर उस गार्जियन की लड़ाई है, जो दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों और देश के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं। इस संघर्ष में देश के हर नागरिक को आगे आकर उनका साथ देना चाहिए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की शिक्षा, रोजगार और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सभी लोगों को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। हर अभिभावक अपने बच्चों के लिए सपने देखता है और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करता है। इसलिए ऐसे मुद्दों पर पूरे समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर खेसारी ने कहा कि किसी व्यक्ति का समर्थन करने से ज्यादा जरूरी है कि जनता यह देखे कि उम्मीदवार कितना बेहतर है और उसके पास विकास को लेकर क्या सोच है। उन्होंने कहा, “प्रशांत किशोर मुझे हमेशा से पसंद रहे हैं, क्योंकि उनके पास बिहार के विकास का एक स्पष्ट विजन है। विधानसभा में हमें ऐसे ही लोगों की जरूरत है, जो रोजगार और बच्चों की शिक्षा के लिए लड़ सकें। एक नेता घर के गार्जियन की तरह होता है। अगर गार्जियन सही नहीं होगा, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा?” उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “आपने अब तक कई लोगों को मौका दिया है, तो इस बार प्रशांत किशोर जैसे पढ़े-लिखे इंसान को भी मौका देकर देखिए। शायद परिणाम बेहतर हों। नेता को बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होगा। यह फैसला अगले पांच साल और हमारे बच्चों के भविष्य का है।”

खेसारी लाल यादव ने अपनी सीमाओं को स्वीकार करते हुए कहा, “मैं एक कलाकार के तौर पर नेता तो बन सकता हूं, लेकिन मेरे पास विकास का कोई मैप नहीं है, क्योंकि मैं उतना पढ़ा-लिखा नहीं हूं। मुझे विकास को समझने के लिए किसी और की मदद लेनी पड़ेगी। इसके उलट, प्रशांत किशोर पूरी दुनिया देख चुके हैं और बेहद शिक्षित हैं। मुझे नेता बनने का कोई शौक नहीं है। अगर हम पढ़े-लिखे लोगों को सदन में भेजेंगे, तो वे हर मंच पर हमारे बच्चों के हक की आवाज उठाएंगे।”

लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर खेसारी ने कहा, “लालू यादव की सेहत को लेकर मेरी हमेशा से भगवान से यही प्रार्थना रही है कि वह जल्द स्वस्थ हों। मैं चाहता हूं कि जब तक हम जिएं, हमें ऐसे पिता समान नेता का आशीर्वाद मिलता रहे। उन्होंने बिहार की जनता को बड़ा जनाधार दिया है, लोगों को बेहद प्यार किया है और यही वजह है कि आज भी पूरा बिहार उन्हें उतना ही प्यार करता है।”

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