सूखे से निपटने के लिए सीएम डीके शिवकुमार की अधिकारियों संग बैठक, पानी और चारे की कमी पर जोर
सूखे से निपटने के लिए सीएम डीके शिवकुमार की अधिकारियों संग बैठक, पानी और चारे की कमी पर जोर
NewsPoint•
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में रविवार को अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में उन्होंने सूखे से निपटने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को बताया और अधिकारियों को किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि पीने के पानी, जानवरों के चारे, फसल बीमा और बोरवेल खुदवाने जैसे कामों को प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कागजी कार्रवाई से ज्यादा जमीनी हकीकत पर ध्यान दिया जाए और बिना पुष्टि के आंकड़े न दिए जाएं.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में बारिश की भारी कमी है और लगभग 82 प्रतिशत जिलों में इसका असर दिख रहा है. बुआई का काम भी सिर्फ 32 प्रतिशत ही हो पाया है. उन्होंने चिंता जताई कि जलाशयों में पानी का स्तर 'डेड स्टोरेज' यानी न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया है, इसलिए पीने का पानी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खेतों में जाकर खुद स्थिति का जायजा लें. उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलत काम, जैसे बोरवेल की डुप्लीकेट बिलिंग या पहले से खोदे गए बोरवेल के लिए नए बिल बनाने जैसी हरकतों को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, "आपकी लापरवाही की वजह से किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए. किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी." उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण बैठक है. आने वाले दिनों में हमें सूखे से पैदा होने वाले किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए. हम यहां सिर्फ कागजी कार्रवाई देखने के लिए नहीं हैं. सभी डेटा और आंकड़ों की जमीनी हकीकत से जांच की जाएगी. इसलिए बिना पुष्टि किए सिर्फ आंकड़े न दें."
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार खेती-बाड़ी के क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग, कृषि एवं प्रजनन आयोग (आरडीपीआर) और जल संसाधन विभाग को मिलकर सूखे से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालना होगा.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगाह किया कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की समितियां निरीक्षण के लिए उनके क्षेत्रों का दौरा करेंगी. इसलिए उन्हें तथ्यों और आंकड़ों के साथ पूरी तरह तैयार रहना चाहिए और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए.
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर, मंत्री के.जे. जॉर्ज, रामलिंगा रेड्डी, ईश्वर खंड्रे और यतींद्र सिद्धारमैया भी मौजूद थे. इसके अलावा, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एल.के. अतीक, अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ और गौरव गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए. सभी ने मिलकर राज्य में सूखे की स्थिति और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा की. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे पूरी गंभीरता से काम करें और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दें.