ब्रिटिश स्टील के राष्ट्रीयकरण पर चीन की प्रतिक्रिया: निवेश माहौल पर असर की चिंता
ब्रिटिश स्टील के राष्ट्रीयकरण पर चीन की प्रतिक्रिया: निवेश माहौल पर असर की चिंता
NewsPoint•
बीजिंग, 19 जुलाई: चीन ने ब्रिटिश सरकार द्वारा ब्रिटिश स्टील के राष्ट्रीयकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिटेन को बाजार के नियमों और अनुबंधों का सम्मान करना चाहिए। चीन ने यह भी कहा है कि वह चीनी कंपनियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यह मामला चीनी निवेशकों के लिए ब्रिटेन के निवेश माहौल पर सीधा असर डालेगा।
यह घटना 16 जुलाई को हुई जब ब्रिटिश सरकार ने स्टील इंडस्ट्री (नेशनलाइज़ेशन) एक्ट के तहत ब्रिटिश स्टील का राष्ट्रीयकरण करने की घोषणा की। यह कंपनी पहले चीन के चिंगये ग्रुप के नियंत्रण में थी। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह मुआवज़े के मामलों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन करने के लिए एक मुआवज़ा व्यवस्था बनाएगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस फैसले को ब्रिटिश स्टील इंडस्ट्री के भविष्य को सुरक्षित रखने और कुशल नौकरियों को बचाने वाला बताया है।इस पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले ने चीनी जनता का ध्यान खींचा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रिटेन इस मामले को कैसे संभालता है, इसका सीधा असर चीनी निवेशकों की ब्रिटेन के निवेश माहौल के बारे में सोच पर पड़ेगा। साथ ही, यह ब्रिटिश सरकार की विश्वसनीयता के बारे में चीनी जनता की राय को भी प्रभावित करेगा।
प्रवक्ता ने याद दिलाया कि चीन और ब्रिटेन ने एक निवेश सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अनुसार, निवेशकों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा कानून के तहत पूरी तरह से की जानी चाहिए। चीन ने ब्रिटेन से आग्रह किया है कि वह बाजार के सिद्धांतों और अनुबंध की भावना का पूरी तरह से सम्मान करे। चीन चाहता है कि ब्रिटेन मुआवज़े सहित एक ऐसा समाधान निकाले जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो।
चीन ने स्पष्ट किया है कि वह चीनी कंपनियों को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने में पूरा समर्थन देगा। चीन इस स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। यदि आवश्यक हुआ, तो चीन अपनी कंपनियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने में संकोच नहीं करेगा। यह मामला चीनी कंपनियों के लिए ब्रिटेन में निवेश के जोखिमों को भी उजागर करता है। चीनी निवेशक अब ब्रिटेन के कानूनी ढांचे और सरकारी हस्तक्षेप के प्रति अधिक सतर्क हो सकते हैं। इस घटना से भविष्य में चीन और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। चीन का यह रुख दर्शाता है कि वह अपने नागरिकों और कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार में राष्ट्रीयकरण जैसे मुद्दों की संवेदनशीलता को भी रेखांकित करता है।