शिवसेना (यूबीटी) सांसद की मांग: बेलगावी में मतदाता सूची के फॉर्म मराठी में हों उपलब्ध

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 19 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद अरविंद सावंत ने भारत निर्वाचन आयोग से कर्नाटक के बेलगावी और अन्य मराठी भाषी इलाकों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के लिए मराठी भाषा में फॉर्म उपलब्ध कराने की मांग की है। सावंत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे एक पत्र में कहा कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मराठी भाषी नागरिक रहते हैं, जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आयोग से एसआईआर फॉर्म मराठी में जारी करने, मराठी में भरे फॉर्म स्वीकार करने, अधिकारियों को निर्देश देने और मतदाता सहायता की व्यवस्था करने की चार प्रमुख मांगें की हैं।

सांसद अरविंद सावंत ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची को सटीक और समावेशी बनाने के लिए शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया में मराठी भाषी मतदाताओं को एक बड़ी व्यावहारिक समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि बेलगावी जिले और आसपास के कई इलाकों में एक बड़ी आबादी ऐसी है जो केवल मराठी भाषा ही पढ़, लिख और समझ सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कन्नड़ भाषा की जानकारी बहुत कम या बिल्कुल नहीं है। वर्तमान में, एसआईआर फॉर्म केवल कन्नड़ भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे इन मतदाताओं को फॉर्म को समझने और सही तरीके से भरने में काफी दिक्कत हो रही है।
अरविंद सावंत ने अपने पत्र में 1995 के कर्नाटक हाई कोर्ट के एक महत्वपूर्ण आदेश का भी उल्लेख किया। इस आदेश में मराठी भाषी भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा करने और यह सुनिश्चित करने की बात कही गई थी कि उन्हें भाषा के कारण सार्वजनिक सेवाओं से वंचित न रखा जाए। सांसद ने कहा कि चुनाव से जुड़े फॉर्म का मराठी में उपलब्ध होना इसी उद्देश्य के अनुरूप है। उन्होंने चिंता जताई कि मराठी में फॉर्म उपलब्ध न होने के कारण कई योग्य मतदाता दूसरों की मदद लेने को मजबूर हो रहे हैं। इससे फॉर्म में गलतियां होने, अधूरी जानकारी भरने या गलत घोषणाएं होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप मतदाता सूची में नाम शामिल होने में देरी, आपत्ति या नाम हटाए जाने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सांसद अरविंद सावंत ने भारत निर्वाचन आयोग से चार प्रमुख मांगें की हैं। पहली मांग यह है कि बेलगावी और कर्नाटक के अन्य मराठी भाषी क्षेत्रों में, जहां भी इसकी आवश्यकता हो, वहां एसआईआर फॉर्म मराठी भाषा में उपलब्ध कराए जाएं। दूसरी मांग यह है कि जहां मराठी फॉर्म उपलब्ध कराए जाएं, वहां मतदाताओं को मराठी में भरे गए फॉर्म जमा करने की अनुमति दी जाए। तीसरी मांग के तहत, उन्होंने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को मराठी भाषा के फॉर्म उपलब्ध कराने और स्वीकार करने के लिए उचित निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। चौथी और अंतिम मांग यह है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मराठी भाषा में मतदाता सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भाषा के कारण कोई भी पात्र मतदाता प्रभावित न हो।

अरविंद सावंत का मानना है कि एसआईआर फॉर्म मराठी भाषा में उपलब्ध कराने से मतदाताओं की परेशानियां दूर होंगी। इससे न केवल उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत होगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने इस कदम को भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों के संरक्षण और समावेशी चुनावी प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह सुनिश्चित करेगा कि हर योग्य नागरिक बिना किसी भाषा बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सके। यह पहल कर्नाटक जैसे बहुभाषी राज्य में चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ और न्यायसंगत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

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