मेघालय में फीफा विश्व कप फाइनल के लिए स्कूल कॉलेज बंद, छात्रों को मिली राहत
मेघालय में फीफा विश्व कप फाइनल के लिए स्कूल-कॉलेज बंद, छात्रों को मिली राहत
NewsPoint•
शिलांग, 19 जुलाई (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने रविवार को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज सोमवार को बंद रहेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी चिंता के फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मैच देख सकें। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा, "सरकार ने मेघालय के सभी स्कूलों और कॉलेजों समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने का फैसला किया है। फाइनल का आनंद लीजिए... आप किस टीम का समर्थन कर रहे हैं?" फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार देर रात खेला जाएगा।
इस फैसले से हजारों फुटबॉल के दीवाने, खासकर छात्र, अगले दिन की पढ़ाई की फिक्र किए बिना इस बड़े मुकाबले का लुत्फ उठा पाएंगे। मेघालय में फुटबॉल का बहुत खास महत्व है। इस राज्य ने कई बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ी दिए हैं और यहां सालों से कई बड़े घरेलू फुटबॉल टूर्नामेंट होते रहे हैं। चाहे शहर हो या गांव, हर जगह यह खेल बहुत पसंद किया जाता है। लोग अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों को टीवी पर बड़े चाव से देखते हैं।मेघालय की खेल संस्कृति में फुटबॉल का एक खास मुकाम है। राज्य ने कई शानदार फुटबॉल खिलाड़ी दिए हैं और पिछले कई सालों में कई बड़े घरेलू टूर्नामेंटों की मेजबानी भी की है। शहरी और ग्रामीण, दोनों ही इलाकों में इस खेल की जबरदस्त लोकप्रियता है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों के दौरान, बड़ी संख्या में लोग टीवी पर मैच देखते हैं।
राज्य सरकार ने बताया कि यह छुट्टी मेघालय की अनोखी खेल संस्कृति को दिखाती है। यह उन युवा फुटबॉल प्रशंसकों के जोश को भी सलाम करती है, जो दुनिया भर में होने वाली फुटबॉल प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस घोषणा का सोशल मीडिया पर खूब स्वागत हुआ। बहुत से लोगों ने छात्रों और फुटबॉल प्रेमियों के लिए सरकार के इस फैसले की तारीफ की। कई छात्रों ने भी खुशी जताई कि वे सोमवार की सुबह जल्दी उठकर क्लास जाने की चिंता किए बिना वर्ल्ड कप फाइनल का मजा ले सकेंगे।
मेघालय सरकार हमेशा से युवाओं के विकास के लिए खेलों को बढ़ावा देती रही है। इसमें फुटबॉल पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने खेल के मैदानों, जमीनी स्तर के कार्यक्रमों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन में काफी निवेश किया है। यह सब इसलिए किया गया है ताकि फुटबॉल को और भी बढ़ावा मिले और युवा खिलाड़ी आगे बढ़ सकें। यह फैसला दिखाता है कि सरकार खेल और युवाओं के उत्साह को कितनी अहमियत देती है। यह एक ऐसा कदम है जो राज्य की खेल भावना को और मजबूत करेगा।