भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी: 15 गिरफ्तार, सांसद विजय बघेल ने कहा संगठित अपराध

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दुर्ग, 19 जुलाई: भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बीएसपी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इस मामले को एक सामान्य चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित और सामूहिक अपराध बताया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

सांसद विजय बघेल ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब यह मामला पहली बार सामने आया था, तभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठाया था और संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की थी। उनके अनुसार, इस तरह के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि दुर्ग के पुलिस अधीक्षक ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ किया है और शुरुआत से अब तक की जांच संतोषजनक रही है। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी के तहत कार्रवाई की है और दोषियों तक पहुंचने का प्रयास किया है।
विजय बघेल का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर स्क्रैप की चोरी एक संगठित नेटवर्क का काम है। इसमें बाहरी गिरोह के साथ-साथ प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग, कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पहले भी इसे सामूहिक अपराध कहा था और अब लगातार हो रही गिरफ्तारियां इसी बात की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति की इस तरह हेराफेरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। भिलाई स्टील प्लांट देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों में से एक है और वहां इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की छवि को प्रभावित करती हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि पूरे मामले का पूरी पारदर्शिता के साथ खुलासा हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सांसद ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले लोकसभा में भिलाई स्टील प्लांट में लंबे समय से जमा स्क्रैप के निपटान का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि काफी समय तक स्क्रैप की नीलामी नहीं होने से बड़ी मात्रा में सामग्री प्लांट परिसर में पड़ी रही। उन्होंने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को पत्र लिखकर स्क्रैप की समयबद्ध नीलामी कराने और उस स्थान का उपयोग नए प्रोजेक्टों के लिए करने की मांग भी की थी।

विजय बघेल ने प्लांट में लगे सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की नियमित जांच पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हों और सुरक्षा व्यवस्था में कोई खामी न हो। उनका मानना है कि तकनीकी निगरानी मजबूत होने से इस तरह के अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि बीएसपी से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव भी रहा है, क्योंकि वह स्वयं पहले प्लांट में कर्मचारी रह चुके हैं। इसी वजह से उन्हें वहां की आंतरिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली की अच्छी जानकारी है। उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर प्लांट का दौरा करते रहते हैं और विशेष अवसरों पर विभिन्न विभागों का निरीक्षण भी करते हैं।

यह करोड़ों रुपये की स्क्रैप चोरी का मामला भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा। सांसद विजय बघेल की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्क्रैप, जिसे अक्सर कबाड़ या बेकार समझा जाता है, वास्तव में स्टील प्लांट के लिए एक मूल्यवान संसाधन होता है। इसका सही तरीके से प्रबंधन और नीलामी न होने पर यह चोरी का निशाना बन सकता है। बीएसपी जैसे बड़े प्लांट में स्क्रैप की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है।

सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की चोरी से न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है। भिलाई स्टील प्लांट भारत की औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस चोरी में प्लांट के अंदरूनी लोगों की मिलीभगत हो सकती है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह प्लांट की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के भरोसे पर सवाल उठाता है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी पहलू उजागर होंगे।

सांसद विजय बघेल ने कहा कि वे इस मामले की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।

यह मामला एक बार फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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