मेक इन इंडिया: भारत के एयरोस्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक उपलब्धि, वडोदरा में बना पहला सी-295 विमान

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नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने रविवार को 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र में हो रही जबरदस्त प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश अब उस मुकाम की ओर बढ़ रहा है जहाँ आम नागरिक भी भारत में बने विमानों में सफर करेंगे। नायडू ने भारत में बने पहले एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमान के निर्माण को देश के एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) की उस अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का दौरा किया जहाँ सी-295 विमान तैयार हो रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सुविधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करती है। नायडू ने विश्वास जताया कि जैसे-जैसे भारत की विमान निर्माण क्षमताएं मजबूत होंगी, वैसे-वैसे भारतीयों को 'मेड इन इंडिया' नागरिक विमानों में गर्व से उड़ान भरने का मौका मिलेगा।
एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड मिलकर सी-295 विमान बना रहे हैं। यह पहला ऐसा सैन्य विमान है जिसका निर्माण भारत में 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निजी क्षेत्र द्वारा किया जा रहा है। यह सब भारतीय वायुसेना के लिए 56 सी-295 परिवहन विमानों की खरीद के 2.6 अरब डॉलर के सौदे का हिस्सा है। इस सौदे के तहत, 16 विमान स्पेन से पूरी तरह तैयार होकर आएंगे, जबकि बाकी 40 विमान गुजरात के वडोदरा में स्थित प्लांट में असेंबल किए जाएंगे।

खबरों के मुताबिक, गुजरात के नए धोलेरा हवाईअड्डे पर सी-295 बेड़े के लिए खास मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) यानी मरम्मत और रखरखाव की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे भारत के पूरे एयरोस्पेस सिस्टम को और मजबूती मिलेगी।

भारत में असेंबल किया गया पहला सी-295 विमान मई में प्रोडक्शन लाइन से बाहर आया था। इसके बाद, 10 जून को इसने अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान भरी। इस सफलता पर भारतीय वायुसेना ने सभी संबंधित टीमों को बधाई दी। वायुसेना ने इसे एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

यह सी-295 विमान एक बहुउद्देशीय परिवहन विमान है। इसे विभिन्न प्रकार के सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे सैनिकों को ले जाना, सामान की ढुलाई करना, या पैराट्रूपर्स को उतारना। इसकी खासियत यह है कि यह छोटे और कच्चे रनवे पर भी आसानी से उतर और उड़ान भर सकता है। यह इसे दूरदराज के इलाकों में भी उपयोगी बनाता है।

'मेक इन इंडिया' पहल का उद्देश्य भारत में ही वस्तुओं का निर्माण बढ़ाना है। इसके तहत, विदेशी कंपनियां भारत में आकर अपने उत्पाद बना सकती हैं या भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। इससे देश में रोजगार बढ़ता है और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलता है। सी-295 विमान का भारत में निर्माण इसी पहल का एक बड़ा उदाहरण है।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) भारत की एक प्रमुख एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है। यह टाटा समूह का हिस्सा है और विभिन्न प्रकार के रक्षा उपकरण और विमानों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। एयरबस एक यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी है जो यात्री विमानों के साथ-साथ सैन्य विमानों के निर्माण में भी दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। इन दोनों कंपनियों का सहयोग भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

यह परियोजना भारत को विमान निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल भारतीय वायुसेना को आधुनिक विमान मिलेंगे, बल्कि यह भारत को विमान निर्यात करने वाले देशों की सूची में भी शामिल कर सकता है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

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