हावड़ा नगर निगम के लॉ ऑफिसर और एनजीओ पदाधिकारी गिरफ्तार, लाखों की उगाही का आरोप

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Navbharat Times
कोलकाता, 23 जुलाई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने हावड़ा नगर निगम के एक लॉ ऑफिसर और एक एनजीओ पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर होटल मालिकों, निजी अस्पतालों के संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों से लाखों रुपये की उगाही करने का आरोप है। पुलिस ने उस एनजीओ के प्रमुख को भी पकड़ा है, जो कथित तौर पर लॉ ऑफिसर की मदद कर रहा था। पुलिस दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि इस उगाही के खेल में नगर निगम का कोई और अधिकारी भी शामिल था या नहीं।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब हावड़ा स्टेशन के पास दो मशहूर होटलों के मालिक आशीष कपूर ने 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने हावड़ा नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल और उनके साथी एनजीओ पदाधिकारी रमेश जायसवाल के खिलाफ उगाही का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
होटल मालिक आशीष कपूर ने बताया कि 18 जुलाई को एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल उनके पास आया था। रमेश ने कहा कि उनके होटल की इमारतें अवैध हैं और नगर निगम उन्हें गिरा सकता है। रमेश ने यह भी कहा कि अगर वे नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल के जरिए 50 लाख रुपये दे दें, तो मामला रफा-दफा हो जाएगा और कोई कार्रवाई नहीं होगी। आशीष कपूर का आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया, तो अगले दिन रमेश जायसवाल फिर आया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आशीष कपूर ने 20 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और बुधवार को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

जांच कर रहे अधिकारियों को शक है कि ये दोनों करीब 10 साल से इसी तरह का उगाही का गिरोह चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों लोग होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों को डराते थे। वे कहते थे कि उनके निर्माण अवैध हैं या उनमें कोई गड़बड़ी है, और नगर निगम कार्रवाई कर सकता है। फिर कार्रवाई रुकवाने के बदले मोटी रकम की मांग करते थे।

फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस उगाही के नेटवर्क में हावड़ा नगर निगम का कोई और अधिकारी भी शामिल था या नहीं। यह मामला शहर में हड़कंप मचाए हुए है और लोग जानना चाहते हैं कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हैं। पुलिस की जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह घटना सरकारी अधिकारियों और निजी कारोबारियों के बीच सांठगांठ और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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