यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ 21वें प्रतिबंध पैकेज पर सहमति जताई, अर्थव्यवस्था और युद्ध क्षमता को निशाना बनाया
यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ 21वें प्रतिबंध पैकेज पर सहमति जताई, अर्थव्यवस्था और युद्ध क्षमता को निशाना बनाया
NewsPoint•
यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूस के खिलाफ 21वें प्रतिबंध पैकेज पर सहमति जताई है। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने बताया कि ये नए प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था और युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर करने के लिए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से कमजोर करना और यूक्रेन के समर्थन को और मजबूत करना है।
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "हमने रूस के खिलाफ 21वें प्रतिबंध पैकेज पर सहमति बना ली है।" उन्होंने आगे बताया कि इस पैकेज में रूस की वित्तीय व्यवस्था, उसके सैन्य-औद्योगिक तंत्र और ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाने वाले कड़े कदम शामिल हैं। ये वही क्षेत्र हैं जो रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को चलाए रखते हैं। कजा कल्लास ने जोर देकर कहा कि वे पुतिन को वहीं चोट पहुंचा रहे हैं जहां सबसे ज्यादा असर होगा, यानी उनके युद्ध को जारी रखने के लिए जिन वित्तीय स्रोतों पर वे निर्भर हैं, उन्हें बंद करके।काजा कल्लास ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिबंधों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हम पहले से ही अगले कदमों पर काम कर रहे हैं।" उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस आगे कोई और तनाव बढ़ाने वाला कदम उठाता है, तो यूरोपीय संघ को उसका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस समझौते का स्वागत किया। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ऐसे समय में, जब यूक्रेन ने सैन्य मोर्चे पर बढ़त बनाई है, हमारे प्रतिबंध रूस के युद्ध प्रयासों की आर्थिक नींव को लगातार कमजोर कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि ईयू 32 और रूसी बैंकों को लेनदेन पर रोक वाली सूची में जोड़ रहा है। इसके साथ ही, कुछ क्रिप्टो कंपनियों और तेल कारोबार से जुड़े प्लेटफॉर्म पर भी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने आगे बताया कि उन्होंने तेल की कीमत की सीमा (प्राइस कैप) में बदलाव को एक साल के लिए रोक दिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रूस की युद्ध मशीन को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का फायदा न मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार, ईयू उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो रूस की 'शैडो फ्लीट' की मदद कर रहे हैं। 'शैडो फ्लीट' का मतलब है ऐसे जहाज जो प्रतिबंधों से बचने के लिए गुप्त रूप से तेल का व्यापार करते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि रूस के लड़ाकों के यूरोपीय संघ में प्रवेश पर औपचारिक प्रतिबंध लगाने की दिशा में भी एक अहम कदम उठाया गया है। प्रेसिडेंट उर्सुला ने इस समझौते को संभव बनाने में मदद करने के लिए ईयू काउंसिल की आयरिश प्रेसीडेंसी का बहुत-बहुत धन्यवाद किया।
यह 21वां प्रतिबंध पैकेज रूस पर दबाव बनाने और यूक्रेन को समर्थन देने की ईयू की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की आर्थिक शक्ति को कम करना है ताकि वह यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध जारी न रख सके। ईयू का मानना है कि इन कड़े कदमों से रूस को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। यह कदम यूक्रेन के लिए एक मजबूत संदेश भी है कि ईयू उसके साथ खड़ा है।
नए प्रतिबंधों में वित्तीय क्षेत्र, सैन्य उपकरण और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लक्षित किया गया है। यह दर्शाता है कि ईयू रूस की युद्ध क्षमता के मूल स्रोतों पर प्रहार करने की कोशिश कर रहा है। वित्तीय व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने से रूस के लिए धन जुटाना मुश्किल हो जाएगा, जबकि सैन्य-औद्योगिक तंत्र को निशाना बनाने से उसकी हथियार बनाने की क्षमता प्रभावित होगी। ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने से रूस की आय का एक बड़ा स्रोत बाधित होगा।
ईयू का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह रूस के आक्रामक रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर और भी कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक संकेत है कि रूस के कार्यों का गंभीर परिणाम होगा। यूक्रेन के लिए, यह प्रतिबंध एक बड़ी राहत है और उसे अपनी रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का आश्वासन देता है।