नीट पेपर लीक विरोध: जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा, कनॉट प्लेस में दुकानें जल्दी बंद, केजरीवाल ने उठाए सवाल

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 23 जुलाई: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आसपास भारी सुरक्षा इंतजाम और एम्बुलेंस की कतारों पर सवाल उठाते हुए सरकार की मंशा पर निशाना साधा है। उन्होंने कनॉट प्लेस के दुकानदारों को शाम 6.30 बजे तक दुकानें बंद करने के निर्देश को भी इसी कड़ी से जोड़ते हुए पूछा कि क्या सरकार आज छात्रों पर हमला करने की योजना बना रही है। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) हालिया परीक्षाओं में गड़बड़ियों और सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न करने को लेकर लगातार आलोचना कर रहे हैं। आप प्रमुख ने छात्रों के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें हर संभव समर्थन देने का वादा किया है।

केजरीवाल ने बुधवार रात एक वीडियो संदेश जारी कर मोदी सरकार को चेतावनी दी कि वे जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई भी 'गलत कदम' न उठाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि विरोध स्थल पर अचानक सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। इन सब बातों से यह आशंका बढ़ जाती है कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कोई क्रूर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे छात्रों के आंदोलन को जबरदस्ती दबाने की कोशिश न करें।
यह पूरा मामला नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) की एक 'जरूरी' एडवाइजरी के बाद गरमाया है, जिसे केजरीवाल ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी साझा किया। इस एडवाइजरी में कनॉट प्लेस इलाके के सभी दुकान मालिकों और ऑफिस एस्टेब्लिशमेंट (जिसमें रेस्टोरेंट और ऑफिस भी शामिल हैं) से शाम 6.30 बजे तक दुकानें बंद करने और इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। एनडीटीए की एडवाइजरी में कहा गया है कि एनडीएमसी के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर और सीपी (कनॉट प्लेस) के आस-पास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह सख्त निर्देश दिया गया है कि नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानें और प्रतिष्ठान (जिनमें ऑफिस और रेस्टोरेंट भी शामिल हैं) आज, यानी 23 जुलाई 2026 को शाम 6.30 बजे तक बंद कर दिए जाएं। सभी प्रतिष्ठान मालिकों से अनुरोध है कि वे सहयोग करें और इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और संपत्ति के नुकसान या चोट से खुद को बचाया जा सके।

केजरीवाल ने बिजनेस सेंटरों के समय से पहले बंद होने की ओर इशारा करते हुए सरकार से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार आज जंतर-मंतर पर बच्चों पर हमला करने की योजना बना रही है। यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में कई परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आई हैं, और सरकार इन मामलों में जिम्मेदारी तय करने में नाकाम साबित हुई है। आप पार्टी का आरोप है कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

आप प्रमुख ने छात्रों के 'अदम्य' जज्बे की सराहना की है और कहा है कि वे 'क्रूर' कार्रवाई के बावजूद उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को न्यायसंगत बताते हुए सरकार से मांग की है कि वह उनकी मांगों को सुने और उन पर ध्यान दे। केजरीवाल का कहना है कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन उनकी हताशा और गुस्से का नतीजा है, जो परीक्षाओं में हो रही धांधली और अनियमितताओं के कारण पैदा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की यह कार्रवाई छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है, और सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए। सुरक्षा के नाम पर इस तरह की सख्ती बरतना और इंटरनेट सेवा बंद करना, यह दर्शाता है कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाना चाहती है।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें डराने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों की मांगों को नहीं सुनेगी, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। आप पार्टी इस आंदोलन में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और उनकी आवाज को संसद तक पहुंचाएगी।

यह पूरा मामला देश भर में चल रहे नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। छात्र लगातार परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। सरकार पर इन मांगों को अनसुना करने और छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लग रहा है। केजरीवाल और आप पार्टी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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