इंडिगो को अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, पहली तिमाही में 382 करोड़ का घाटा

NewsPoint
382
मुंबई, 23 जुलाई। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो को भारी झटका लगा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इंडिगो को स्टैंडअलोन आधार पर 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंसोलिडेटेड आधार पर भी एयरलाइन को 238 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 2,176 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। यह घाटा मुख्य रूप से ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण हुआ है।

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में इंडिगो की कुल आय 25,614.1 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 18.9 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 25,852.5 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि 34.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस खर्च में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं।
इंडिगो का ईंधन पर खर्च सालाना आधार पर 85.7 प्रतिशत बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह खर्च 5,832.6 करोड़ रुपये था। इस वजह से, एयरलाइन का ईबीआईटीडीएआर (EBITDAR) भी 33.2 प्रतिशत घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल 5,738.6 करोड़ रुपये था। ईबीआईटीडीएआर मार्जिन भी 28.8 प्रतिशत से गिरकर 16.5 प्रतिशत हो गया है। ईबीआईटीडीएआर का मतलब है कंपनी की कमाई, जिसमें ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन (संपत्ति के मूल्य में कमी), अमोर्टाइजेशन (अमूर्त संपत्ति के मूल्य में कमी) और रेंट (किराया) शामिल नहीं होता। यह कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को समझने में मदद करता है।

इसके अलावा, इंडिगो के बेड़े (फ्लीट) में भी कमी आई है। 30 जून, 2026 तक कंपनी के पास 432 विमान थे, जबकि 31 मार्च, 2026 को यह संख्या 441 थी। यानी, तिमाही के दौरान कंपनी के बेड़े में करीब 9 विमान कम हुए हैं। फ्लीट के छोटे होने का एक कारण डैम्प लीज (Damp Lease) विमानों की संख्या का 20 से घटकर 7 होना है। डैम्प लीज एक तरह का विमान पट्टे पर लेने का समझौता होता है, जिसमें एयरलाइन को विमान के साथ-साथ क्रू और रखरखाव की जिम्मेदारी भी लेनी पड़ती है।

यह स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर दिखाती है, जिसने वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित किया है। तेल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर एयरलाइंस के परिचालन खर्च को बढ़ाती हैं, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ता है। इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। कंपनी को अब अपने खर्चों को नियंत्रित करने और आय के नए स्रोत खोजने की रणनीति पर काम करना होगा ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान से बचा जा सके।

रेकमेंडेड खबरें