यूरोपीय संघ ने गूगल पर लगाया 89 करोड़ यूरो का जुर्माना, डिजिटल प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन का आरोप
यूरोपीय संघ ने गूगल पर लगाया 89 करोड़ यूरो का जुर्माना, डिजिटल प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन का आरोप
NewsPoint•
नई दिल्ली, 23 जुलाई: यूरोपीय संघ (ईयू) ने डिजिटल दुनिया में अपनी मनमानी करने के आरोप में गूगल पर भारी जुर्माना ठोंका है। गूगल को कुल 89 करोड़ यूरो, यानी करीब 1 अरब डॉलर का भुगतान करना होगा। यूरोपीय आयोग का कहना है कि गूगल ने अपने सर्च इंजन पर अपनी ही सेवाओं को बढ़ावा दिया और अपने ऐप स्टोर में दूसरी कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। इस वजह से गूगल को सर्च से जुड़े मामले में 46 करोड़ यूरो और गूगल प्ले स्टोर के नियमों के उल्लंघन के मामले में 43 करोड़ यूरो का अलग-अलग जुर्माना देना पड़ेगा। आयोग ने गूगल को 60 दिनों के अंदर इन आदेशों का पालन करने को कहा है, वरना कंपनी को अपनी कुल वैश्विक कमाई का 5 प्रतिशत तक अतिरिक्त जुर्माना भरना पड़ सकता है।
आयोग की जांच में यह बात सामने आई कि गूगल अपने सर्च इंजन पर शॉपिंग, होटल, ट्रांसपोर्ट और स्पोर्ट्स जैसी अपनी सेवाओं को दूसरी कंपनियों की सेवाओं से ज्यादा अहमियत देता था। यह डिजिटल मार्केट्स एक्ट (डीएमए) नाम के नियमों का सीधा उल्लंघन है। यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष टेरेसा रिबेरा ने साफ कहा कि गूगल डिजिटल मार्केट्स एक्ट का ठीक से पालन करने में नाकाम रहा है। इसीलिए आयोग ने एक संतुलित लेकिन सख्त फैसला लेते हुए यह जुर्माना लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे प्रोडक्ट्स को उनकी क्वालिटी की वजह से आगे बढ़ना चाहिए, न कि इसलिए कि वे उसी कंपनी के हैं जो सर्च इंजन चलाती है।आयोग के मुताबिक, डीएमए के तहत गूगल प्ले के जरिए ऐप बेचने वाले डेवलपर्स को ग्राहकों को दूसरे और अक्सर सस्ते विकल्पों के बारे में बताने की आजादी होनी चाहिए। साथ ही, उन्हें ग्राहकों को अपनी वेबसाइट या दूसरे ऐप स्टोर से खरीदारी करने के लिए आसानी से भेजने की अनुमति भी मिलनी चाहिए। लेकिन, जांच में पता चला कि गूगल इस नियम का पालन नहीं कर रहा था। आयोग का कहना है कि गूगल ऐप डेवलपर्स को तीसरे पक्ष के ऐप स्टोर या दूसरे प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऑफर्स के बारे में बताने, उन्हें बढ़ावा देने और उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद से खरीदारी करने से रोकता है।
यूरोपीय आयोग ने गूगल को तुरंत इस गड़बड़ी को ठीक करने का आदेश दिया है। कंपनी को यह भी पक्का करना होगा कि गूगल सर्च में दूसरी कंपनियों की सेवाओं के साथ निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के व्यवहार हो। इसके अलावा, गूगल प्ले स्टोर के जरिए ऐप बेचने वाले डेवलपर्स को तकनीकी और अनुबंध के मामले में यह आजादी देनी होगी कि वे गूगल प्ले स्टोर के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी उपयोगकर्ताओं को ऑफर्स के बारे में बता सकें, उनका प्रचार कर सकें और उनसे सीधे डील कर सकें।
यह मामला डिजिटल प्रतिस्पर्धा के नियमों को लेकर यूरोपीय संघ की गंभीरता को दिखाता है। आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी टेक कंपनियां अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करके छोटे खिलाड़ियों को दबा न सकें। गूगल जैसी कंपनियों को अब अपने प्लेटफॉर्म पर सभी के लिए एक समान अवसर देना होगा। यह फैसला उन सभी डेवलपर्स के लिए राहत की खबर है जो गूगल के नियमों के कारण अपनी सेवाओं को ठीक से ग्राहकों तक नहीं पहुंचा पा रहे थे। अब उम्मीद है कि डिजिटल बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे।