रांची में नीट पेपर लीक पर कांग्रेस भाजपा भिड़े, भाजपा कार्यालय पर पथराव, दोनों ओर से Fir दर्ज
रांची में नीट पेपर लीक पर कांग्रेस-भाजपा भिड़े, भाजपा कार्यालय पर पथराव, दोनों ओर से FIR दर्ज
NewsPoint•
रांची, 23 जुलाई। रांची में गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हिंसक टकराव हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी, अंडे और टमाटर फेंके गए। यह घटना हरमू रोड पर करीब दो घंटे तक चली, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र बन गया। इस मामले में दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ अरगोड़ा थाने में FIR दर्ज कराई है। दोनों पक्षों ने सुनियोजित हमला, मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है।
कांग्रेस की FIR में भाजपा के 15 नेताओं के नाम हैं और करीब 100 अज्ञात कार्यकर्ता भी आरोपी बनाए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर अंडे, पानी और शीशे की बोतलें, पत्थर और डंडे से हमला किया। इस हमले में कई कांग्रेस कार्यकर्ता, पत्रकार और पुलिसकर्मी घायल हुए। कांग्रेस की शिकायत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, भाजपा नेता प्रत्यूष सहदेव, अशोक बड़ाईक, योगेंद्र प्रताप सिंह, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज, रवि मुंडा, वरुण साहू, संजय महतो, पार्षद नीलम चौधरी, सत्यनारायण सिंह, भाजपा कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह और संजय जायसवाल जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पहले से ही पत्थर और अन्य सामान लेकर तैयार थे। उन्होंने न सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों पर भी हमला किया। रांची युवा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने बताया कि घटना के कई वीडियो सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपे गए हैं।वहीं, भाजपा ने भी रांची महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार की शिकायत पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, कांग्रेस नेता कुमार राजा, उज्ज्वल प्रकाश तिवारी, शहजादा अनवर, राकेश सिन्हा, ऋषिकेश सिंह, किशोर शाहदेव, डॉ. तौसिफ, शहबाज अहमद समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आवेदन दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने लाठी, डंडा, रॉड और पत्थरों से भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हमला किया और भाजपा कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया। भाजपा ने यह भी दावा किया कि इस घटना में उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। शिकायत में कहा गया है कि एक भाजपा कार्यकर्ता की सोने की चेन और घड़ी भी छीन ली गई। भाजपा ने पुलिस को घटना के वीडियो भी दिए हैं और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, मारपीट और तोड़फोड़ जैसी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
यह पूरा बवाल नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुआ। कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव का आह्वान किया था। इससे एक दिन पहले, यानी बुधवार को, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची के श्रद्धानंद रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया था। उस समय भी दोनों पार्टियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी, लेकिन गुरुवार को यह टकराव हिंसक रूप ले लिया। हरमू रोड पर गुरुवार को दोपहर में कांग्रेस कार्यकर्ता नीट पेपर लीक के विरोध में भाजपा कार्यालय के पास पहुंचे। उन्होंने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद भाजपा कार्यालय के अंदर से और बाहर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी जवाब में नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। अंडे, टमाटर और बोतलें भी एक-दूसरे पर फेंकी गईं। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन हालात बेकाबू हो गए। पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने उनकी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग उकसा रहे थे और उन्होंने पहले हमला किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सिर्फ नीट पेपर लीक के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने गए थे। वहीं, भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने उनके कार्यालय पर हमला किया और उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकर्ता उग्र थे और उन्होंने भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ करने की भी कोशिश की। भाजपा ने यह भी कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
इस घटना के बाद रांची में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों तरफ से दर्ज FIR के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस हिंसक टकराव से आम जनता को भी परेशानी हुई, क्योंकि हरमू रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया और लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या दोनों पार्टियों के बीच शांति बहाल हो पाती है।