राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के पीएम की बैठक: व्यापार, निवेश और ऊर्जा पर चर्चा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के पीएम की बैठक: व्यापार, निवेश और ऊर्जा पर चर्चा
NewsPoint•
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ बुखारेस्ट में मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और नई तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। यह दौरा तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा है, जो दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
राष्ट्रपति मुर्मु रोमानिया के राजकीय दौरे पर हैं और उन्होंने बुखारेस्ट में भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रोमानिया को भारत का एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण साझेदार बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि रोमानिया यूरोप के केंद्र में स्थित है और इसकी रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन, मजबूत औद्योगिक क्षमता और यूरोपीय संघ के साथ अच्छे संबंध इसे भारत के लिए एक बेहतरीन साझेदार बनाते हैं। रोमानिया सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े यूरोपीय बाजार में प्रवेश के लिए भी एक महत्वपूर्ण द्वार है।राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बात पर खुशी जताई कि बिजनेस फोरम में बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। यह रोमानिया में मौजूद अवसरों पर भारतीय उद्योगों के बढ़ते विश्वास और रोमानियाई व्यवसायों के साथ स्थायी साझेदारी बनाने की उनकी इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक सहयोग भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मौजूदा साझेदारी का एक मुख्य आधार है।
भारत और ईयू का संयुक्त बाजार लगभग दो अरब लोगों का है और इनकी संयुक्त अर्थव्यवस्था लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर की है। ऐसे में, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापार को और बढ़ाना, निवेश को बढ़ावा देना और मजबूत व विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाना है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने एफटीए के जल्द और प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार के लिए एक भरोसेमंद माहौल बनेगा, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी और भारत व ईयू के छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और नवाचार करने वालों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इस दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मु के साथ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, सांसद दिनेश शर्मा और विजय बघेल भी मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी भी राष्ट्रपति की बैठकों में शामिल हुए।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुखारेस्ट के विक्टोरिया पैलेस में रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ भारत-रोमानिया द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की।" यह बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
रोमानिया की यात्रा भारतीय राष्ट्रपति की तीन दशक बाद की पहली यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद जगाती है। राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानियाई व्यवसायों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्र में रोमानिया के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है।
यह दौरा न केवल राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। दोनों देशों के बीच पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा भारत और रोमानिया के बीच दोस्ती के नए अध्याय की शुरुआत है।