नीट पेपर लीक: विपक्षी दलों का केंद्र सरकार पर हमला, छात्रों के प्रदर्शन और इंटरनेट बंद करने पर उठाए सवाल

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 24 जुलाई: नीट परीक्षा में पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। विपक्षी सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन से निपटने के तरीके, इंटरनेट बंद करने और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद मेनका गुरुस्वामी ने दिल्ली में इंटरनेट सेवा बाधित होने पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि उसे लगता है कि इंटरनेट बंद करने से विरोध प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य इंटरनेट बंद करने से वापस नहीं आएगा। गुरुस्वामी ने इसे देश के लिए दुखद क्षण बताते हुए कहा कि परीक्षा के पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर छात्रों की शिकायतें बिल्कुल जायज हैं। सरकार को छात्रों का समर्थन करना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय उसने दिल्ली पुलिस को उनके खिलाफ खड़ा कर दिया है। उन्होंने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए ताकि देश के हालात सुधर सकें।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल रात 11 बजे वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए उठते हैं और कहते हैं कि इंटरनेट बंद कर दिया गया है और पुलिस लाठीचार्ज करने वाली है। वडिंग ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी बरनाला में स्थायी किए जाने की मांग कर रहे सफाई कर्मियों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज के कारण सिर में चोट लगने के बाद पंद्रह महिला सफाई कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कांग्रेस की मांग है कि उन महिला कर्मियों पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। वडिंग ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं और हर दिन पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं, लेकिन उन्हें बरनाला के पीड़ितों के प्रति भी वैसी ही चिंता दिखानी चाहिए।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसा माहौल बनाए जिसमें विपक्ष अपनी बात रख सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए और इस मामले में अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने बताया कि विपक्षी सांसदों ने छात्रों के मुद्दे को लेकर सोनम वांगचुक समेत अन्य लोगों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि 65 सांसदों ने ज्ञापन सौंपकर अनशन खत्म करने की अपील की थी, लेकिन छात्रों और आंदोलनकारियों का संघर्ष जारी रहेगा।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र एक महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांग केवल जिम्मेदारी तय करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी पुलिस ने अभद्रता की। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने संसद में सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष देश के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहता। उन्होंने नीट विवाद, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर बहस की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार संसद को केवल विधेयक पारित करने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को अनसुना कर रही है। वे नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत का फल उन्हें मिलना चाहिए और जो लोग जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। विपक्षी सांसदों ने सरकार से अपील की है कि वह छात्रों की आवाज को दबाने की बजाय उनसे बातचीत करे और उनकी समस्याओं का समाधान करे। उनका मानना है कि इंटरनेट बंद करना या पुलिसिया कार्रवाई करना किसी भी समस्या का हल नहीं है, बल्कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

सांसदों ने यह भी कहा कि सरकार संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। वे चाहते हैं कि नीट विवाद, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर खुलकर बहस हो। उनका आरोप है कि सरकार संसद का इस्तेमाल केवल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है, न कि देश की समस्याओं पर समाधान खोजने के लिए। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेंगे।

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